रिपोर्ट- मोहम्मद अशफाक
गोला गोकरण नाथ, खीरी।
बरकत अली अंसारी द्वारा प्रस्तुत वाद पर सक्षम न्यायालय ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मुकदमा पंजीकृत कर विस्तृत विवेचना का आदेश दिया था। न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में थाना भीरा पुलिस ने ग्राम मुड़िया हेमसिंह निवासी मुस्तफा, जाहिद अली उर्फ सादिक अली तथा तौकीर अली के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ की। प्रकरण में लगाए गए आरोपों को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस ने साक्ष्य संकलन और अभिलेखीय जांच के आधार पर विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई।
इस प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक उमराव सिंह व ब्रजेश कुमार सिंह, तथा रमेश सिंह सेंगर द्वारा की गई। विवेचना के दौरान उपलब्ध तथ्यों, दस्तावेजों और बयानात के आधार पर मुकदमा संख्या 188/25 में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (जालसाजी), 471 (कूटरचित दस्तावेज का प्रयोग) एवं 323 (मारपीट) के अंतर्गत आरोप प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाए गए। इसके पश्चात 20 दिसंबर को आरोप पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में प्रस्तुत की गई, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए नामजद आरोपियों को तलब करने के आदेश जारी किये
हैं।
वाद से जुड़े तथ्यों के अनुसार, साबरून पत्नी मुस्तफा का आरोप है कि मुस्तफा ने उनकी जायदाद हड़पने के उद्देश्य से पहचान संबंधी दस्तावेजों में कथित रूप से फेरबदल किया। आरोप है कि बदली हुई आईडी और कथित बदलाव के माध्यम से धोखाधड़ी कर अपने भतीजे को पुत्र दर्शाते हुए संपत्ति का बैनामा कर दिया । इसके अतिरिक्त, ससुराल पक्ष पर साबरून के साथ मारपीट कर उन्हें घर से निकालने का भी गंभीर आरोप है।
वहीं, वादी बरकत अली अंसारी का कहना है कि मुस्तफा ने पहले अपनी जीवित पत्नी साबरून की स्वाभाविक मृत्यु दर्शाई और बाद में कथित हत्या का हवाला देते हुए एक फर्जी मुकदमा साबरून के सगे भाई बरकत अली अंसारी तथा उनके भतीजों के विरुद्ध न्यायालय में दर्ज कराया। जबकि वास्तविकता यह है कि मुस्तफा और साबरून दोनों निसंतान हैं तथा साबरून जीवित है। साबरून स्वयं को जीवित सिद्ध करने के लिए सक्षम न्यायालय के समक्ष उपस्थिती दर्ज करा चुकी है।
फिलहाल प्रकरण में आगे की न्यायिक कार्यवाही प्रचलित है। चार्जशीट स्वीकार होने के बाद अब सुनवाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। जनपद खीरी की अवाम की पैनी नजरें न्यायालय के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं और सभी पक्षों को अदालत के निष्पक्ष फैसले का बेसब्री से इंतजार है।




