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✒️ रिपोर्ट आलोक मालपाणी ब्यूरो बरेली मण्डल

बदायूं/उत्तर प्रदेश : डी.पी. (स्नातकोत्तर) महाविद्यालय में आयोजित 14वें द्विदिवसीय वार्षिक क्रीड़ा महोत्सव का रविवार को भव्य समापन समारोह के साथ समापन हो गया। दो दिनों तक चले इस खेल महोत्सव में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न एथलेटिक प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पूरे परिसर में खेल भावना, अनुशासन और उत्साह का माहौल देखने को मिला।समारोह का शुभारंभ महाविद्यालय के संस्थापक एवं पूर्व मंत्री डी.पी. यादव द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भारत सिंह ने मुख्य अतिथि को बैज लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, संघर्षशीलता, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करते हैं। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इस वर्ष बालिका वर्ग की चैंपियन नीतू सागर रहीं, जबकि बालक वर्ग में संजीव यादव ने सर्वाधिक अंक अर्जित कर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।

लंबी कूद बालक वर्ग में राहुल ने प्रथम, हरवेन्द्र ने द्वितीय तथा विशेष कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में किरण प्रथम, प्रियंका द्वितीय एवं काजल शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। 800 मीटर दौड़ बालक वर्ग में संजीव यादव प्रथम, अंशुल द्वितीय और वीरम सिंह तृतीय स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में पुष्पा ने प्रथम, शारदा ने द्वितीय और राशि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। ऊँची कूद (बालक वर्ग) हरवेन्द्र प्रथम, अंशुल द्वितीय तथा सत्यम तृतीय स्थान पर रहे। 100 मीटर दौड़ (बालक वर्ग)राहुल प्रथम, रहेवर द्वितीय और हरकेश तृतीय स्थान पर रहे। समापन अवसर पर विजेता खिलाड़ियों को मुख्य अतिथि द्वारा मेडल, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। दर्शक दीर्घा में उपस्थित विद्यार्थियों ने विजेताओं का तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में क्रीड़ा प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार सिंह एवं डॉ. नीलोफर खान की विशेष भूमिका रही। इसके अतिरिक्त डॉ. महीपाल सिंह, दिव्यांश सक्सेना, विनोद यादव, नितिन माहेश्वरी, अवंतिका चांडक, ज्ञानेन्द्र कश्यप, निक्की माहेश्वरी, मेहनाज सहित समस्त प्राध्यापकगण एवं स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा।

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