Month: May 2025

बी.पी. एल.क्रिकेट टूर्नामेंट का हुआ समापन टाइगर क्रिकेट क्लब बड़ागांव ने 6 विकेट से हासिल की जीत ।

रिपोर्ट:नसरुद्दीन अंसारी लखीमपुर खीरी। आपको बता दूं आज 22.5 .2025 को बीपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट बड़ागांव में फाइनल मैच खेला गया। जिसके मुख्य अतिथि ग्राम सभा बड़ा गांव प्रधान अब्दुल हसीब…

चारपाई पर गिरी दीवार से दबकर युवक की मौत*

औरैया में बुधवार रात क्षेत्र में आई भयंकर आंधी से चन्दनापुर दयाल सिंह में चारपाई के ऊपर दीवार गिरने से एक युवक की दबकर मौत हो गई। जबकि अन्य जगहों…

किसानों ने खेतों का भ्रमण कर सीखी खेती की तकनीकचांगीपुर के ग्राम रोशन नगर में करण सिंह के खेत पर वैरायटल ट्रायल दिखायाबिजनौर।

किसानों ने खेतों का भ्रमण कर सीखी खेती की तकनीकचांगीपुर के ग्राम रोशन नगर में करण सिंह के खेत पर वैरायटल ट्रायल दिखायाबिजनौर। दूसरे जनपदों के प्रगतिशील किसानों ने चांगीपुर,…

आम के पेड़ों की जड़ों में मिला यूरिया और नमक

बिजनौर। बिजनौर का जैन फार्म एक बार फिर सुर्खियों में है। आम के पेड़ों को सुखाने के लिए कैमिकल डालने की शिकायत पर उद्यान और वन विभाग की टीम पहुंच…

शाहजहांपुर तिलहर थाना क्षेत्र के गांव ढकिय रघा के मुन्नालाल पुत्र संतराम ब श्रीनिवास बिरसिंहपुर के रोजगार सेवक पर कंबाइन से गेहूं व धन की कटाई के रुपए मांगने गए…

*एसडीएम मितौली रेनू मिश्रा**का चार वर्षीय बेटा सड़क दुर्घटना में घायल*बहु आयामी समाचार वॉइस ब्यूरो चीफ सचिन सिंह लखीमपुर खीरी Up3105872262701SHN08112001 02nov2024LMP001798मितौली तहसील में पोस्ट एसडीएम रेनू मिश्रा के चार…

जुमाई पीर बाबा के मेले का आयोजन 23 व 24 मई को**रिपोर्ट

* – शाबान सिद्दीकी*फरधान खीरी। थाना क्षेत्र में आगामी 23 व 24 मई को जुमाई पीर बाबा की दरगाह पर मेले का आयोजन होना निश्चित हुआ है। फरधान थाना क्षेत्र…

Rथाना खालापार पुलिस द्वारा 01 वारन्टी अभियुक्त को किया गिरफ्तार।

मुजफ्फरनगर से रूखशीद अहमद की रिपोर्ट। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केआदेश के अनुसार जनपद मुजफ्फरनगर में वांछित/ वारण्टी अपराधियो की धर पकड मे चलाये जा रहे। अभियान मे व थाना खालापार…

Rथाना खालापार पुलिस द्वारा एक नफर वारंटि अभियुक्त को किया गिरफ्तार।

मुज़फ्फरनगर से रूखशीद अहमद की रिपोर्ट। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन मे व जनपद मे शातिर अभियुक्तो की धर पकड़ मे चलाये जा रहे अभियान के अर्न्तगत कार्यवाही करते हुए…

Rथाना बुढ़ाना पुलिस द्वारा हत्या के अभियोग में वांछित दो अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ घायल कर किया।

मुजफ्फरनगर से रूखशीद अहमद की रिपोर्ट। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार के एंव बुढाना थाना प्रभारी के कुशल नेतृत्व में आज रात्रि को थाना बुढ़ाना पुलिस द्वारा पुलिस…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!