
नवरात्रि का संदेश: नारी सम्मान से होगा सशक्त राष्ट्र का निर्माण
नौ दिन की साधना आत्मबल, सेवा और महिला सशक्तीकरण का संकल्प लेने का अवसर
नई दिल्ली। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने शारदीय नवरात्रि को शक्ति, श्रद्धा और आत्मशुद्धि का पर्व बताते हुए कहा कि माँ दुर्गा के नौ स्वरूप साहस, संयम, धैर्य, करुणा और आत्मविश्वास की प्रेरणा देते हैं। नवरात्रि केवल पूजा-अर्चना का अवसर नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान और समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाने का संकल्प लेने का समय है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का सम्मान केवल देवी की पूजा तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रत्येक बेटी को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके निर्णयों का सम्मान करना ही सच्ची आराधना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मिशन शक्ति और पोषण 2.0 जैसी पहल महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण राष्ट्र की प्रगति का आधार है।
श्रीमती ठाकुर ने नवरात्रि पर सभी से बेटियों को आगे बढ़ाने, महिलाओं के योगदान का सम्मान करने और जरूरतमंद महिलाओं एवं बच्चों की सहायता करने का संकल्प लेने की अपील की।
