
प्राचीन बनारस बचाओ संघर्ष समिति एवं लकड़ी व्यापार मंडल का विरोध, चौकाघाट में रैंप उतारने पर जताई चिंता
चौकाघाट से नमो घाट तक ओवरब्रिज के बजाय जीटी रोड को फोरलेन बनाने की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
वाराणसी। प्राचीन बनारस की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान बचाने के लिए प्राचीन बनारस बचाओ संघर्ष समिति ने वरुणा एलीवेटेड रोड का रैंप चौकाघाट स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मार्ग पर उतारने तथा चौकाघाट से नमो घाट तक ओवरब्रिज बनाने का विरोध किया। समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर रैंप को बसंत कॉलेज, राजघाट के आसपास उतारने और ओवरब्रिज के बजाय जीटी रोड को फोरलेन बनाने की मांग की। समिति का कहना है कि प्रस्तावित निर्माण से जगतगंज, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन, तेलियाबाग, मलदहिया, नई सड़क और गोदौलिया में जाम बढ़ सकता है तथा प्राचीन काशी के स्वरूप को नुकसान पहुंच सकता है।
धरना-प्रदर्शन में संयोजक राजेंद्र गांधी कुशवाहा, लल्लन चौहान, रवि शंकर पटेल, राजेश यादव, शंभूदूत बेलवाल, रविंद्र जायसवाल ‘चिंटू’, बच्चेलाल चौहान, अजीत चौहान, धर्मेश महाराज, अनिल शुक्ला, ओम प्रकाश मौर्य, हरी चौहान, हरी सिंह, आलोक सिंह, कन्हैया लाल, विवेक सिंह चौहान, गणेश चौहान और सूबेदार चौहान सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
