
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत इसकी प्रक्रिया साल में कम से कम दो बार जनवरी और जुलाई में पूरी की जाएगी। इसके लिए जल्द शासनादेश जारी किए जाने की तैयारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 वर्ष की सेवा पूरी करने पर चयन वेतनमान और 22 वर्ष की सेवा पर प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। जनवरी तक पात्र होने वाले शिक्षकों के मामले जनवरी में, जबकि बाद में पात्र होने वालों के मामले जुलाई में निस्तारित किए जाएंगे।
अब तक कई जिलों में साल में केवल एक बार प्रक्रिया पूरी होने से शिक्षकों के मामले लंबित रह जाते थे। नई व्यवस्था लागू होने से करीब 6,000 शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राजकीय और सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों के 335 शिक्षकों के लंबित एरियर की जांच कर 5 नवंबर तक भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को संबंधित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा गया है।
रिपोर्ट- पुनीत शुक्ला
