संवाददाता निघासन

तेईस दिन बाद हुआ हत्या का चौंकने वाला खुलासा

मां ने मुस्लिम समाज के एक ही परिवार के दो नाबालिक बेटियों सहित चार लोगों के खिलाफ दिया था प्रार्थना पत्र निष्पक्ष जांच की क्षेत्र के लोग कर रहे हैं प्रशंसा

प्रेमी युगल ने की थी बच्चे की हत्या, प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार मिश्रा की टीम सहित एसओजी टीम का घटना के खुलासा में रहा अहम रोल

लखीमपुर खीरी जनपद के धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा टेकीकुंडा में लगभग ग्यारह वर्षीय बच्चे की हत्या का सन सनीखेज खुलासा जब क्षेत्राधिकारी धौरहरा प्रीतम पाल द्वारा तेईस दिन विवेचना करने के उपरांत प्रेस कांफ्रेंस कर पत्रकारों को घटना के बारे में पूरी जानकारी दी, इस हत्या के घटनाक्रम की जानकारी हुई तो लोग आश्चर्यचकित रह गए क्योंकि घटना ऐसी थी जिसका इस तरीके से पुलिस द्वारा खुलासा करना एक बहुत कठिन चुनौती थी जहां दो समुदाय के बीच हत्या की घटना अटकी हुई थी वहीं पुलिस के लिए लाइन ऑर्डर का एक चैलेंज था बता दें दिनांक 6 नवंबर 2024 को रोहित भार्गव रहस्य में तरीके से गुम हो जाता है जो की दूसरे दिन भी नहीं मिलता है और जिसकी सूचना पुलिस को दी जाती है पुलिस के द्वारा अगले दिन 7 नवम्बर को बच्चे के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज की जाती है ,परिजनों सहित पुलिस के द्वारा जांच शुरू की जाती है और 9 नवंबर को रोहित की क्लास बच्चा लाल वर्मा के गन्ने के खेत में मिलती है लाश मिलने के बाद आरोप का दौर शुरू हुआ और पड़ोस के ही मजरे तेजन पुरवा में मुस्लिम समाज के दो सगी बहनों के भाई और पिता सहित चार लोगों के खिलाफ मृतक की मां ने नामजद तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि उपरोक्त लोगों द्वारा ही मेरे बच्चे की हत्या की गई है, कड़ी कार्रवाई की मांग की जिसको लेकर पुलिस और गांव वालों के बीच कहां सुनी तक हुई पुलिस टीम द्वारा 23 दिन के जांच में 15 लोगों से पूछताछ की गई कड़ी मशक्कत के बाद रंजीत वर्मा पुत्र विद्रेस वर्मा निवासी होलागढ़ कफारा ने अपना गुनाह कबूल करते हुए और पूरे घटना कम के बारे में पुलिस को बताया कि मैं और मेरी प्रेमिका शिल्पी वर्मा निवासी तेजन पुरवा दोनों लोग गन्ने के खेत में आपत्तिजनक स्थिति में थे जिसे मृतक रोहित ने देख लिया और कहने लगा कि मैं तुम लोगों के घर जाकर बताऊंगा जिससे हम दोनों लोग लाज मर्यादा के दर से दोनों लोगों ने मिलकर रोहित का गला रेत कर हत्या कर दी और मृतक की मां का आरोप दूसरों की तरफ देख मैं लाश को छिपाने में लगा रहा जिससे मैं ना पकड़ा जाऊं आखिरकार लाख घटना छुपाने से नहीं छपी पुलिस के द्वारा की गई मेहनत दोषी को जेल और निर्दोष को मुक्ति मिली यह भी चर्चा का विषय है। पुलिस अधीक्षक खीरी गणेश प्रसाद साहा के कुशल निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक सीओ धौरहरा प्रीतम पाल सिंह नेतृत्व में गठित की गई पुलिस जांच टीम प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार मिश्रा निरीक्षक अपराध गंगा प्रसाद यादव उप निरीक्षक अजय कुमार सिंह उप निरीक्षक वीरेंद्र सिंह हेड आरक्षी अंगद प्रसाद, आरक्षी राहुल चौधरी ,आदर्श चौरसिया ,महिला आरक्षी एकता ,उर्मिला, शिखा व निरीक्षक आलोक सिंह प्रभारी स्वाद टीम हेडर अच्छी सत्य प्रकाश सिंह आरक्षी श्री ओम मिश्रा शामिल रहे

By admin_kamish

बहुआयामी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed