बदायूं : जिलाधिकारी द्वारा निर्देशों एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशन के क्रम में श्रम विभाग के द्वारा बालश्रम रेस्क्यू व जागरूकता अभियान चलाया गया। अजीत कुमार कनौजिया सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि श्रम विभाग, एएच,टीयू, चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम के द्वारा नेकपुर, डीएम रोड, मंडी समिति,अलापुर रोड, दातागंज तिराहा, बीएसएनएल एक्सचेंज,रेलवे क्रॉसिंग रोड,अशोक नगर आदि जगह अभियान चलाया गया। जिसमे संयुक्त टीम के द्वारा दुकानदारों को जागरूक किया गया कि वह बच्चों से काम न कराएं , बालश्रम सामाजिक अभिशाप के साथ ही कानूनी व संज्ञेय अपराध भी है। बालक एवं किशोर श्रमिकों से काम लेने वाले सेवायोजको के विरूद्ध दण्ड स्वरूप दो वर्ष तक की सजा एवं 50 हजार रुपए तक जुर्माने का प्राविधान है।

अभियान के चलते मौके पर 14 वर्ष से कम उम्र के 5 बच्चों को रेस्क्यू करके सी.डब्लू.सी के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा जिला चिकित्सालय में बच्चों का कोविड टेस्ट, चिकित्सकीय परीक्षण, आयु परीक्षण कराया गया। 14 वर्ष से अधिक उम्र के गैर खतरनाक प्रक्रिया में 4 प्रतिष्ठानो पर 4 बच्चों को चिन्हित करके उनके सेवायोजकों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी की गई। सेवायोजकों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन), अधिनियम 1986 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी। साथ ही लोगों को बाल श्रम न करवाने के लिए भी जागरूक भी किया गया। अभियान में श्रम विभाग से श्रम प्रवर्तन अधिकारी सतेंद्र मिश्र, विचित्र सक्सेना, वरिष्ठ सहायक, जीशान अंसारी तकनीकी रिसोर्स पर्सन नया सवेरा, चाइल्ड लाइन से मुंतजिर अब्बास, चन्द्र भान सिंह, टीम मेंबर,एएचटीयू से रामबाबू नागर उपस्थित रहे।

✍️ ब्यूरो रिपोर्ट आलोक मालपाणी (बरेली मंडल)

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