रिपोर्ट-दीपक कुमार

बाजना। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच क्षेत्र का एक सरकारी संस्थान खुद अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। बाजना से कटेलिया जाने वाले मुख्य मार्ग पर, बृज हितकारी इंटर कॉलेज के ठीक सामने स्थित सरकारी पशु चिकित्सालय वर्तमान में अपनी उपयोगिता खो चुका है। संस्थान की इमारत इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहाँ पशुओं का इलाज तो दूर, इंसानों का खड़ा होना भी खतरे से खाली नहीं है।


मौके पर देखने से पता चलता है कि अस्पताल की दीवारें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और प्लास्टर गिर रहा है। पूरी इमारत झाड़ियों और गंदगी से घिरी हुई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अस्पताल के मुख्य गेट पर लंबे समय से ताला लटका हुआ है। सरकार की ओर से लाखों की लागत से बनी यह सरकारी संपत्ति अब धीरे-धीरे मलबे में तब्दील हो रही है।
इंटर कॉलेज के ठीक सामने होने के कारण यहाँ से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र गुजरते हैं। अस्पताल परिसर में फैली गंदगी और जलभराव के कारण न केवल पशुपालकों को परेशानी हो रही है, बल्कि राहगीरों और छात्रों के स्वास्थ्य पर भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अस्पताल खुलने का कोई निश्चित समय नहीं है और अक्सर यहाँ ताला ही लटका मिलता है।
पशुपालन प्रधान इस क्षेत्र में अस्पताल की यह स्थिति पशुपालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। मवेशियों के बीमार होने पर ग्रामीणों को सरकारी सहायता नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उन्हें निजी डॉक्टरों को मोटी फीस देने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि:
तत्काल प्रभाव से जर्जर भवन की मरम्मत कराई जाए।
अस्पताल परिसर की सफाई कराकर नियमित रूप से डॉक्टर और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह सरकारी भवन पूरी तरह जमींदोज हो सकता है।

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