
उत्तर प्रदेश में मुड़िया पूर्णिमा मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं। लेकिन इसी बीच आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय का एक ऐसा अनोखा और सराहनीय अंदाज सामने आया है, जिसने खाकी के प्रति जनता का भरोसा और बढ़ा दिया है। डीआईजी साहब ने मुड़िया मेले की सुरक्षा व्यवस्था को केवल कागजों या गाड़ी में बैठकर नहीं परखा, बल्कि एक आम श्रद्धालु की तरह रात के अंधेरे में खुद सप्तकोसी परिक्रमा पैदल चलकर पूरी की।बुधवार को आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय देर रात खुद गोवर्धन धाम पहुंचे। गोवर्धन पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले प्रसिद्ध दानघाटी मंदिर में ठाकुर गिर्राज महाराज के चरणों में शीश नवाया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन-पूजन के बाद शुरू हुआ डीआईजी का वो औचक और कड़ा इम्तिहान, जिसकी किसी को भनक तक नहीं थी। डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बिना किसी भारी सुरक्षा तामझाम के, आम भक्तों के बीच कदम से कदम मिलाया और देर रात से लेकर सुबह तक लगातार चलकर गिर्राज जी की सप्तकोसी परिक्रमा पूरी की। इस दौरान उन्होंने परिक्रमा मार्ग में मुस्तैद पुलिसकर्मियों की तैनाती, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों और श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं का बारीकी से आकलन किया ताकि मेले में सुरक्षा का कोई भी कोना कमजोर न रह जाए। निश्चित रूप से, जब पुलिस का सबसे बड़ा अधिकारी खुद रातभर जागकर और मीलों पैदल चलकर जनता की सुरक्षा का पहरा दे, तो व्यवस्थाएं अपने आप मजबूत हो जाती हैं। डीआईजी के इस कदम की अब हर तरफ सराहना हो रही है।
