Author: mdnewsadmin2

महराजगंज:कड़ाके की ठंड एवं शीतलहर के दृष्टिगत जनपद के सभी परिषदीय,राजकीय,शासकीय,अशासकीय, सहयता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं मदरसों में 4 जनवरी से 7 जनवरी तक कक्षा 1 से 12 तक का अवकाश घोषित ।देखें आदेश…

राष्ट्रीय ब्यूरो:यूपी में शीतलहर एवं कड़ाके की ठंड जोरों पर है।कई जनपदों में बेसिक शिक्षा अधिकारियों, जिलाधिकारियों, एवं जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा स्कूलों के समय मे बदलाव किया गया ।परन्तु…

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में जारी अवकाश तालिका में 32 दिन का अवकाश,24 दिन ही मिलेगा शिक्षकों एवं छात्रों को वास्तविक अवकाश।देखें अवकाश तालिका..

🔵4 अवकाश को रविवार एवं 4 अवकाश राष्ट्रीय त्यौहार पर खुलेंगे स्कूल। 🔵 अवकाश तालिका में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से 15 जून तक। 🔵शीतकालीन अवकाश 31 दिसबंर से 14…

यूपी बोर्ड:परीक्षा केंद्रों को लेकर मिली लगभग सात सौ आपत्तियां,निस्तारण के बाद जारी होगी परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची..

राष्ट्रीय ब्यूरो:यूपी बोर्ड परीक्षा 2023 के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद को तकरीबन सात सौ आपत्तियां मिली हैं। निस्तारण के बाद बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची सात…

आर डी इंस्टीट्यूट फ़ॉर कंप्यूटर एजुकेशन में वार्षिक समारोह का किया गया आयोजन..

राष्ट्रीय ब्यूरो:दिनाँक 02 जनवरी दिन सोमवार को प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में एफसीआई रोड चाका के आर. डी. इंस्टीट्यूट फॉर कंम्प्यूटर एजुकेशन में द्वितीय वार्षिक समारोह (अवसर 2023) का आयोजन…

साइको किलर का दहशत, बुजुर्गों को टारगेट कर उतरता है मौत के घाट,अब तक कर चुका है चार की हत्या,पुलिस ने वायरल किया फोटो,मांगी आमजन से मदद..

राष्ट्रीय ब्यूरो:उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में घूम रहे एक साइको किलर की पुलिस को तलाश है, जो बुजुर्गों को टारगेट कर उनकी हत्या कर देता है। सीरियल किलर की…

अपडेट:कड़ाके की ठंड के दृष्टिगत जनपद के सभी बोर्डों के कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों को 3 से 5 जनवरी 2023 तक बंद करने का आदेश।:DM गोण्डा

राष्ट्रीय ब्यूरो:यूपी के गोण्डा जनपद के जिलाधिकारी डॉ उज्ज्वल कुमार ने बढ़ते हुए ठंडक के दृष्टिगत जनपद के समस्त बोर्डो के विद्यालयों में 03 से 05 जनवरी 2023 तक 01…

जरूरतमंद लोगों को समाजसेवी ने बांटे कंबल,10 वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए समाजसेवी

ब्यूरो प्रमुख इन्द्र जीत वर्मा फ़तेहपुर, बाराबंकी। बीते 10 वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए समाजसेवी संजय वर्मा ने कंबल वितरण कार्यक्रम का किया आयोजन साथ ही…

कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल की तरफ से नव वर्ष 2023 की हार्दिक शुभकामनाएं

लखीमपुर खीरी कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष प्रहलाद पटेल जनपद वासियों व देश प्रदेश वासियों को नव वर्ष 2023 की शुभकामनाएं दी हैं

यूपी:शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने 20 जिलों के BSA से मांगा 5 जनवरी तक स्पष्टीकरण।जाने क्या है मामला..

राष्ट्रीय ब्यूरो:मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन माध्यम से आवेदनो को निस्तारित न कर बिना किसी ठोस वजह के चलते निरस्त कर देने के चलते शिक्षा निदेशक बेसिक ने जिला…

नव वर्ष के जश्न में डूबा शहर,केक काट कर किया नव वर्ष का स्वागत

हरदोई……नए साल के स्वागत के लिए शनिवार को पूरे दिन तैयारियां चलती रही है। युवाओं ने ग्रुपों में नये साल की तैयारियों की रणनीति तैयार की। शहर से लेकर कस्बों…

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!