Month: October 2022

मदरसा रजविया अहसनुल मदारिस हिदायत नगर लखीमपुर में मनाई गई राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती

आज दिनांक 02 अक्टूबर 2022 दिन रविवार को मदरसा रजविया अहसनुल मदारिस हिदायत नगर लखीमपुर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 153 वीं व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी…

बहुआयामी सामाचार लखीमपुर :- गांधी जयंती के अवसर पर चौथे स्तंभपर हमला_

लखीमपुर खीरी में आज एक शर्मसार कर देने वाली घटना घटी। 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन कृष्णा टॉकीज स्थित लाल बहादुर शास्त्री पार्क में कवरेज करने दैनिक जागरण के…

कमजोर छात्रों को ढूंढकर गुरु जी अतिरिक्त कक्षा में बढ़ाएंगे ज्ञान

हरदोई…….राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कमजोर छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में मजबूत किया जाएगा। शिक्षक अतिरिक्त कक्षा में छात्रों को पढ़ाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रधानाचार्यों व नोडल अधिकारियों के साथ बैठक…

सांडी एम एस कान्वेंट स्कूल एवं डिग्री कॉलेज में धूमधाम से मनाई गई गांधी जयंती……..

हरदोई………… एम एस कान्वेंट स्कूल एवं डिग्री कॉलेज सांडी के शिक्षक ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री ने गांधी जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहाँ कि गांधी जयंती पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि। यह…

बड़ी खबर:इस राज्य में सरकारी कर्मियों को अब फोन पर ‘हेलो’ के जगह बोलना होगा ‘वंदे मातरम’। आज से लागू…

एमडी ब्यूरो:महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को जारी किए एक सरकारी संकल्प (जीआर) में कहा कि सरकारी और सरकारी वित्त पोषित संस्थानों में काम करने वाले सभी कर्मचारी फोन कॉल लेते…

अभियुक्त मौअज्ज़म अली की करीब ₹1135000 की संपत्ति प्रशासन ने की जब्त

सहसवान : जिलाधिकारी दीपा रंजन के आदेशानुसार अभियुक्त मौअज्ज़म अली पुत्र मुस्तफा निवासी ग्राम नदायल थाना सहसवान जो उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की…

राम जन्म के प्रसंग में मंत्रमुग्ध हो गए श्रद्धालु l

अजीतमल/औरैया -:कस्बा बाबरपुर के संतोषी माता मंदिर प्रांगण में चल रही संगीतमय श्रीमद भागवत कथा में शुक्रवार को राम जन्म ओर रामजी की वंशावली के प्रकारों का प्रसंग सुनाया गया।…

दातागंज ब्लॉक में किया गया वृक्षारोपण

बदायूँ : विधायक दातागंज राजीव कुमार सिंह ब्लाक प्रमुख अतेंद्र विक्रम सिंह जिलाधिकारी दीपा रंजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह मुख्य विकास अधिकारी ऋषिराज डीएफओ एके सिंह एवं…

सालारपुर ब्लाक प्रमुख पति द्वारा शिवेंद्र यादव को स्वतंत्र दिवस अवार्ड 2022 से सम्मानित किया गया

बिनावर : जनपद बदायूं में प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस अवार्ड- 2022 के प्रथम पुरस्कार पर युवा पत्रकार शिवेंद्र यादव ने अपनी काबलियत से जीत हासिल…

डीएम, एसएसपी ने संपूर्ण समाधान दिवस में सुनी जन शिकायतें

बदायूँ : जिलाधिकारी दीपा रंजन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 ओम प्रकाश सिंह, उप जिलाधिकारी राम शिरोमणि, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 प्रदीप वार्ष्णेय सहित जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ तहसील दातागंज…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!