Month: June 2024

निगोही के सीताराम व विनायक हॉस्पिटल फिर से सुर्खियों में, वीडियो वायरल, अस्पताल संचालक नही दे पाए कोई जवाब

रजत पाण्डेय ब्यूरो एमडी न्यूज़ शाहजहांपुर शाहजहांपुर : नगर निगोही के कैमुआ पुल के निकट बने विनायक व सीताराम हॉस्पिटल किसी न किसी मामले को लेकर आए दिन सुर्खियों में…

अर्चना सेठ को न्याय दिलाएगी सोनार नरहरी सेना॥

अर्चना सेठ को न्याय दिलाएगी सोनार नरहरी सेना॥ रोहित सेठ . वाराणसी जनपद के कोतवाली थाना अंतर्गत बिंदु माधव वार्ड निवासी अर्चना सेठ जिनका वहां के दबंग पार्षद कनकलता मिश्रा…

आगामी वेब सिरीज कॉर्पोरेट माफिया क़ा हुआ मुहूर्त ॥ रोहित सेठ तिरुपति चलचित्रम के बैनर तले लेखक निर्देशक धीरज पंडित बना रहे हैं आगामी वेब सिरीज कॉर्पोरेट माफिया॥इसके पहले दिनेश…

सरकार एमएसएमई इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध : उपमुख्यमंत्री॥

सरकार एमएसएमई इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध : उपमुख्यमंत्री॥ रोहित सेठ लखनऊ, 27 जून, 2024। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा है कि राज्य सरकार एमएसएमई…

भारत विकास परिषद सृजन शाखा द्वारा डॉक्टर सूरज प्रकाश के 104 वी जयंती पर अंगदान व नेत्र दान जागरूकता हेतु शिविर॥

भारत विकास परिषद सृजन शाखा द्वारा डॉक्टर सूरज प्रकाश के 104 वी जयंती पर अंगदान व नेत्र दान जागरूकता हेतु शिविर॥ रोहित सेठ वाराणसी डॉ सूरज प्रकाश के 104 वी…

एम एस एम ई स्टार्ट अप )” पर एक सेमिनार का आयोजन ॥

एम एस एम ई स्टार्ट अप )” पर एक सेमिनार का आयोजन ॥ रोहित सेठ वाराणसी कार्यक्रम का शुभारम्भ शाखा अध्यक्ष सी.ए. सौरभ कुमार शर्मा के स्वागत भाषण द्धारा किया…

समर कैरम रैंकिंग लीग दूसरा दिन॥

समर कैरम रैंकिंग लीग दूसरा दिन॥ रोहित सेठ विनोद यादव , गौरव गुप्त और शिवदयाल यादव ने अपना अपना पहला मैच जीता । वाराणसी जिला कैरम एसोसिएशन के तत्वावधान में…

संत अतुलानंद रेजिडेंशियल अकैडमी के नन्हे मुन्ने छात्रों द्वारा योगाभ्यास की प्रशंसा॥

संत अतुलानंद रेजिडेंशियल अकैडमी के नन्हे मुन्ने छात्रों द्वारा योगाभ्यास की प्रशंसा॥ रोहित सेठ (वाराणसी).अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज सवेरे संत अतुलानंद रेजिडेंशियल अकैडमी (सारा होलापुर) के कक्षा…

स्माइल फाउण्डेशन वाराणसी के द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

स्माइल फाउण्डेशन वाराणसी के द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रोहित सेठ वाराणसी स्माइल फाउण्डेशन के द्वारा मे रामपुर लठिया, काभी विद्यापीठ वाराणसी में प्रथम महिला कार्यकर्ताओं…

बी जे पी महिला पार्षद द्वारा अर्चना सेठ को मारा पीटा गया, महिला पहुंची कांग्रेस कार्यालय।

बी जे पी महिला पार्षद द्वारा अर्चना सेठ को मारा पीटा गया, महिला पहुंची कांग्रेस कार्यालय। रोहित सेठ प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीजेपी महिला पार्षद द्वारा जिनके पति…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!