Month: June 2024

खीरी पहुंची राहत आयुक्त दफ्तर से पीडी अदिति उमराव, सदर, गोला तहसील के डूब क्षेत्र में बसे व्यक्तियों, परिवारों से की मुलाकात

लखीमपुर खीरी !! खीरी पहुंची राहत आयुक्त दफ्तर से पीडी अदिति उमराव, सदर, गोला तहसील के डूब क्षेत्र में बसे व्यक्तियों, परिवारों से की मुलाकात !! ,!! डीएम की अध्यक्षता…

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया (अठावले) के प्रदेश अध्यक्ष फकरे आलम का शादाब चौधरी द्वारा और अनेक कार्यकर्ताओ ने जोरदार स्वागत किया

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया (अठावले) के प्रदेश अध्यक्ष फकरे आलम का शादाब चौधरी द्वारा और अनेक कार्यकर्ताओ ने जोरदार स्वागत किया बिजनौर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया (अठावले) के वरिष्ठ नेता…

अभियुक्त चुन्नालाल को अवैध शराब के कब्जे से 20 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी !! अभियुक्त चुन्नालाल को अवैध शराब के कब्जे से 20 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार !! रिपोर्ट- परवेज आलम !! पुलिस अधीक्षक खीरी गणेश प्रसाद साहा…

मोटरसाइकिल वाहन व साइकिल वाहन को पीछे से मारा जोरदार टक्कर !!

लखीमपुर खीरी !! मोटरसाइकिल वाहन व साइकिल वाहन को पीछे से मारा जोरदार टक्कर !!रिपोर्ट- परवेज आलम !! निघासन खीरी !! !! थाना निघासन पुलिस क्षेत्र के अंतर्गत दुबहा पलिया…

गलत ऑपरेशन से बच्चे की मौत के मामले में जांच टीम गठित, जांच के दौरान अस्पताल में नही मिला कोई एमबीबीएस डॉक्टर

रजत पाण्डेय ब्यूरो एमडी न्यूज़ शाहजहांपुर शाहजहांपुर – आपको बतातें चलें कि निगोही में हर महीने किसी न किसी अस्पताल में प्रसूताओं व बच्चों की मौत हो जाती है और…

सशक्तिकरण की सफलता: मुस्लिम महिलाएं जीत की ओर अग्रसर

सशक्तिकरण की सफलता: मुस्लिम महिलाएं जीत की ओर अग्रसर आसिफ रईसबिजनौरऐसे देश में जहां सामाजिक मानदंड अक्सर व्यक्तिगत आकांक्षाओं पर भारी पड़ते हैं, भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं को पास…

सशक्तिकरण की सफलता: मुस्लिम महिलाएं जीत की ओर अग्रसर

सशक्तिकरण की सफलता: मुस्लिम महिलाएं जीत की ओर अग्रसर आसिफ रईसबिजनौर ऐसे देश में जहां सामाजिक मानदंड अक्सर व्यक्तिगत आकांक्षाओं पर भारी पड़ते हैं, भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं को…

दिल्ली-स्योहारा में धूमधाम से मनाया गया दूरदर्शन के एंकर हैदर जैदी का जन्म दिन

दिल्ली-स्योहारा में धूमधाम से मनाया गया दूरदर्शन के एंकर हैदर जैदी का जन्म दिन स्योहारा संवाददाता:आसिफ रईस नगर के काबिल ए अहतराम वरिष्ठ पत्रकार आरिफ हसन जैदी के पुत्र दूरदर्शन…

अज्ञात कारणों के चलते एक युवक ने लगाई फासी

!! ब्रेकिंग न्यूज !!लखीमपुर खीरी !! अज्ञात कारणों के चलते एक युवक ने लगाई फासी !! रिपोर्ट- परवेज आलम !! मझगई खीरी !!निघासन तहसील के ग्राम पंचायत बम्हनपुर के गांव…

नीता शर्मा का वायरल वीडियो 3 मिलियन व्यूज ॥

नीता शर्मा का वायरल वीडियो 3 मिलियन व्यूज ॥ रोहित सेठ जी हा नीता शर्मा जो की आजकल सोशल मीडिया में बहुत ही चर्चे में है इनके चर्चे में आने…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!