Month: July 2024

नई डिस्ट्रिक्ट थाईबाक्सिंग कमेटी का हुआ गठन ॥

नई डिस्ट्रिक्ट थाईबाक्सिंग कमेटी का हुआ गठन ॥ रोहित सेठ वाराणसी थाईबाक्सिंग एसोसिएशन आफ वाराणसी की नई कमेटी इस प्रकार है।चेयरमैन- शम्स तबरेज ‘शम्पु’प्रेसिडेंट- मनीषा रानीजनरल सेक्रेटरी- सैयद इमरान हुसैनट्रेजरार-…

गायन शैली में सृजित शाश्वती गीता एक विशिष्ट कृति धर्मेंद्र राय, एम एल सी(विद्वान साहित्यकारों ने डॉ. कवीन्द्र नारायण द्वारा रचित शाश्वती गीता का लोकार्पण किया) ॥

गायन शैली में सृजित शाश्वती गीता एक विशिष्ट कृति धर्मेंद्र राय, एम एल सी(विद्वान साहित्यकारों ने डॉ. कवीन्द्र नारायण द्वारा रचित शाश्वती गीता का लोकार्पण किया) ॥ रोहित सेठ वाराणसी,…

पुरानी पेंशन सहित 31 दिन के उपार्जित अवकाश की मांग पूरी न होने तक आर पार की लड़ाई लड़ेंगे शिक्षक: सनत कुमार सिंह॥

पुरानी पेंशन सहित 31 दिन के उपार्जित अवकाश की मांग पूरी न होने तक आर पार की लड़ाई लड़ेंगे शिक्षक: सनत कुमार सिंह॥ रोहित सेठ

प्रभास डायग्नोस्टिक्स सेंटर का भव्य शुभारंभ॥

प्रभास डायग्नोस्टिक्स सेंटर का भव्य शुभारंभ॥ रोहित सेठ वाराणसी सुंदरपुर स्थित प्रभास डायग्नोस्टिक्स का भव्य शुभारंभ आज संपन्न हुआ। बेटी अमिधा तिवारी ने रिबन काट कर डायग्नोस्टिक सेंटर का शुभारंभ…

अनुराग पंडित ने गोलू सिंह राजपूत के सुर मंदिर रिकॉर्डिंग स्टूडियो का किया उद्घाटन ||

अनुराग पंडित ने गोलू सिंह राजपूत के सुर मंदिर रिकॉर्डिंग स्टूडियो का किया उद्घाटन || रोहित सेठ वाराणसी :- पहड़िया स्थित विराट नगर कालोनी में सुर मंदिर रिकॉर्डिंग स्टूडियो का…

भारत विकास परिषद सृजन शाखा के द्वितीय स्थापना दिवस पर वृक्षारोपण एवं बेटियों को सम्मानित किया गया ॥

भारत विकास परिषद सृजन शाखा के द्वितीय स्थापना दिवस पर वृक्षारोपण एवं बेटियों को सम्मानित किया गया ॥ रोहित सेठ भारत विकास परिषद सृजन शाखा के द्वितीय स्थापना दिवस 9…

मंडलायुक्त व पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता में श्रावण मास की तैयारियों के संबंध में बैठक॥

मंडलायुक्त व पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता में श्रावण मास की तैयारियों के संबंध में बैठक॥ रोहित सेठ दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु सुरक्षा, पीने के पानी तथा शौचालय की उचित व्यवस्था…

ताजिये और डीजे की हाईट का रखें विशेष ध्यान-डीआईजी

रिपोर्ट: मोहम्मद फ़ैज़ान बिजनौर। मुरादाबाद डीआईजी ने त्योहारों को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी ताजिये और डीजे की हाईट पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने चेताया कि…

डॉक्टर संजय कुमार निषाद का औरैया जनपद में दौरा!

डॉक्टर संजय कुमार निषाद का औरैया जनपद में दौरा! – बैठक मे सरकारी योजनाओं समीक्षा की! औरैया -मंत्री मत्स्य विभाग उ० प्र०/प्रभारी मंत्री जनपद औरैया डॉ० संजय कुमार निषाद ने…

सिद्धार्थ नगर – डी एम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा SDRF की 18 टीमें तैनात ग्रामीणों की सुविधा के लिए लगाई गयी नाव

जनपद – सिद्धार्थनगर,उत्तर प्रदेश रिपोर्ट – सूरज गुप्ता सिद्धार्थनगर 08 जुलाई 2024/ जिलाधिकारी डॉ राजागणपति आर० द्वारा तहसील शोहरतगढ़ के अन्तर्गत ग्राम पंचायत खैरी शीतल प्रसाद का निरीक्षण किया गया…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!