Month: March 2025

मितौली पुलिस ने शांति भंग की आशंका के चलते 11 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

रिपोर्ट आकाश मिश्रबहुआयामी समाचार UP3105872262701AKM2407199324OCT2024LMP001784 लखीमपुर खीरी, 16 MARCH 2025। पुलिस अधीक्षक खीरी, संकल्प शर्मा के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक खीरी के निकट पर्यवेक्षण में सम्पूर्ण जनपद में अपराध…

लोकेशन. शाहजहांपुर तिलहर थाना क्षेत्र के गांव हथगांव की घटना

.नाबालिक किशोर का संदिग्ध परिस्थिति में शव मिलने से परिजनों का जताई हत्या की आशंका वहीं पुलिस घटना को सुसाइड मान रही है .शाहजहांपुर के थाना क्षेत्र तिलहर के हथगांव…

सभी किसान भाइयों से निवेदन है कि आप सभी द्वारा लगाई गई फसलें अगले 15 से 20 दिन में पक कर बिल्कुल तैयार हो जाएंगी।

सभी किसान भाइयों से निवेदन है कि आप सभी द्वारा लगाई गई फसलें अगले 15 से 20 दिन में पक कर बिल्कुल तैयार हो जाएंगी। इसलिए अपने-अपने खेतों पर लगे…

गंदगी से भरी नालियाँ फैला रही बीमारियां

रिपोर्ट आकाश मिश्रबहुआयामी समाचारUP3105872262701AKM2407199324OCT2024LMP001784 मितौली खीरी, 16 मार्च 2025: नालियों में भरे कूड़े एवम गन्दगी बीमारियों को दावत दे रहे हैं। आपको बता दे कि मितौली तहसील के ग्राम पंचायत…

शाम 7 बजे की बड़ी खबरें……………….*

➡गोरखपुर-सीएम योगी की अध्यक्षता में वार्षिक समीक्षा बैठक, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं की समीक्षा , आगामी शैक्षणिक सत्र को लेकर की बैठक, भावी कार्य योजनाओं को लेकर की…

यमुना नदी में स्नान करते समय डूबा युवक,एस डी आर एफ टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव निकाला बाहर

रिपोर्ट: रजनीश राजपूत अजीतमल /औरैया-अयाना थाना क्षेत्र के करके का पुरवा निवासी अखिलेश पाल नदी में स्नान के दौरान डूब गया। सूचना पर परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।…

दिमागी बुखार के कारण गुजरात में हुई मृत्यु

Breaking newsदिमागी बुखार के कारण गुजरात में हुई मृत्युग्राम मोहम्मदाबाद जिला लखीमपुर खीरी निवासी आकाश पुत्र राजाराम उम्र 19 वर्ष गुजरात में काम करने गया था वहां अचानक दिमागी बुखार…

मोमिन फ्रेंड्स सर्कल ने मदरसा इस्लामिया अरबिया तालीमुल कुरान मंसूर सराय, स्योहारा में अपनी वार्षिक अज़ीमुशान रोज़ा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया

क्राइम रिपोर्टर मोहम्मद नाजिम अंसारी स्योहारा,शुक्रवार को मोमिन फ्रेंड्स सर्कल ने मदरसा इस्लामिया अरबिया तालीमुल कुरान मंसूर सराय, स्योहारा में अपनी वार्षिक अज़ीमुशान रोज़ा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। इस…

पाकिस्तान : 20 साल की बीएससी की छात्रा ने अपने बाप की जान बचाने के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे दी।

पाकिस्तान : 20 साल की बीएससी की छात्रा ने अपने बाप की जान बचाने के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे दी। शुजाआबाद राजा राम का रहने वाला 50 साल…

नीमच:जिले में शांति एवं सद्भाव के साथ मिलजुल कर मनाया गया रंगों का त्यौहार,कलेक्टर निवास पर मनाया गया होली मिलन समारोह

रिपोर्ट:राहुल राव 🔵कलेक्टर ने अधिकारी कर्मचारियों के संग खेली होली, लगाया रंग गुलाल. नीमच 14 मार्च 2025 देश और प्रदेश के साथ नीमच जिले में भी रंगों का त्यौहार होली…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!