रिपोर्ट- पुनीत शुक्ला हरदोई

हरदोई। बिजली विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोपों ने अब तूल पकड़ लिया है। टड़ियावां क्षेत्र के इटौली पावर हाउस में तैनात कुछ बिजली कर्मचारियों की कथित कार्यप्रणाली के खिलाफ एक शिकायतकर्ता ने ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया। शिकायतों पर सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए गरीब किसान मजदूर सेवा समिति के अध्यक्ष शैलेश अवस्थी ने अपने खून से शिकायती पत्र लिखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री का ध्यान आकर्षित किया है।
ग्राम भड़ायल निवासी शैलेश अवस्थी का आरोप है कि इटौली पावर हाउस से जुड़े कुछ कर्मचारी ग्रामीणों और गरीब उपभोक्ताओं से बिजली संबंधी काम कराने के नाम पर कथित तौर पर अवैध रकम की मांग करते हैं। आरोप है कि पैसा नहीं देने वाले उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि कथित वसूली का यह खेल संबंधित अधिकारियों की जानकारी अथवा संरक्षण में चल रहा है।
मामला इसलिए भी गंभीर हो गया है क्योंकि शिकायतकर्ता का कहना है कि इस संबंध में पहले भी आवाज उठाई गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज होकर उन्होंने खून से पत्र लिखकर शासन तक अपनी आवाज पहुंचाने का फैसला किया।
शिकायती पत्र में इटौली पावर हाउस की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराने, उपभोक्ताओं से कथित अवैध वसूली की पड़ताल करने और जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या खून से लिखी इस चिट्ठी के बाद बिजली विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा? क्या ग्रामीणों से कथित वसूली के आरोपों की सच्चाई सामने आएगी? या फिर यह शिकायत भी फाइलों में दबकर रह जाएगी? फिलहाल मामले ने इटौली पावर हाउस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
