
बिक्री विलेख पंजीकरण पर रोक का आदेश वापस लेगा वीडीए, किसानों को बड़ी राहत
हाईकोर्ट के निर्देश से आठ गांवों में खुशी की लहर, ग्रामीणों ने मनाई खुशी
वाराणसी, 8 सितंबर। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा आठ गांवों में भूमि और मकानों के विक्रय विलेखों के पंजीकरण पर लगाई गई रोक का आदेश वापस लेने का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने वीडीए के उपाध्यक्ष को 26 दिसंबर 2025 को जारी पत्र को तीन दिनों के भीतर वापस लेने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश से संबंधित गांवों के किसानों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।
रिट-सी संख्या 18850/2026, कमलेश कुमार पटेल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं तीन अन्य की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मुनीर एवं न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की पीठ ने वीडीए के आदेश पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 अथवा किसी अन्य कानून के तहत क्या विकास प्राधिकरण को संपत्ति मालिकों द्वारा निष्पादित विक्रय विलेखों के पंजीकरण को अपनी अनुमति के बिना रोकने का अधिकार है।
26 दिसंबर 2025 के पत्र के माध्यम से गंजरी, हरसोस, हरपुर, जमीन शिवसागर, हरदासपुर, सुइचक, बीरभानपुर और भाईदपुर सहित संबंधित गांवों में भूमि एवं मकानों के विक्रय विलेखों का वीडीए से एनओसी लिए बिना पंजीकरण नहीं करने का निर्देश दिया गया था।
सुनवाई के दौरान वीडीए की ओर से अधिवक्ता रवि प्रकाश पांडे ने कोर्ट को बताया कि संबंधित गांवों को काशी स्पोर्ट्स सिटी योजना के विस्तार से बाहर रखा गया है और वीडीए उपाध्यक्ष ने 26 दिसंबर 2025 के पत्र को वापस लेने के निर्देश दिए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने पत्र को तीन दिनों में वापस लेने का आदेश दिया।
कोर्ट ने आदेश की सूचना वीडीए उपाध्यक्ष तक 24 घंटे के भीतर पहुंचाने का भी निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता योगेश सिंह ने पक्ष रखा।
ग्रामीणों ने जताई खुशी
हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी मिलते ही आठों गांवों के किसानों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने इसे अपने हक और जमीन से जुड़े अधिकारों की दिशा में बड़ी राहत बताया। कमलेश पटेल, अजीत वर्मा, विकास पटेल, विक्रम पटेल, प्रदीप पटेल, शिव शंकर वर्मा, रंजीत पटेल, सतीश पटेल, दीपेश पटेल, कृष्णकर पटेल, मनीष पटेल, रमेश पटेल, विजय बहादुर, लाल बहादुर पटेल, राजेश प्रजापति, मनोज पटेल, अश्वनी पटेल, विमल पटेल, अर्जुन पटेल और राजकुमार पटेल समेत ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आदेश से किसानों को अपनी जमीन के विक्रय और पंजीकरण को लेकर बड़ी राहत मिली है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से जमीन के पंजीकरण को लेकर बनी स्थिति से किसानों और संपत्ति मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हाईकोर्ट के निर्देश से अब उन्हें राहत की उम्मीद जगी है।
