**रिपोर्टर आकाश मिश्र**बहुआयामी समाचार**
मितौली (खीरी),26 सितम्बर 2026।* लखीमपुर खीरी जनपद के मितौली विकासखंड क्षेत्र में रामनगर, कस्ता सहित विभिन्न फीडरों में लगातार हो रही बिजली कटौती लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। हालात ऐसे हैं कि हल्की हवा चलने या बारिश की आशंका होते ही बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है और पूरा क्षेत्र घंटों अंधेरे में डूब जाता है। इससे आमजन, व्यापारी, छात्र और किसान सभी प्रभावित हो रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली कटौती अब अपवाद नहीं, बल्कि रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि हर बार हवा और पानी के नाम पर बिजली बंद करनी पड़ रही है, तो आखिर विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे हैं?सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मौसम खराब होने की आशंका के चलते कई बार एहतियातन बिजली आपूर्ति रोकी जाती है। लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप है कि कटौती की कोई स्पष्ट समय-सारिणी नहीं होती और न ही विभाग की ओर से लोगों को पर्याप्त जानकारी दी जाती है। परिणामस्वरूप लोग उमस, गर्मी और अंधेरे के बीच परेशान रहने को मजबूर हैं।ग्रामीणों और क्षेत्र वासियों का कहना है कि यदि बिजली लाइनें इतनी कमजोर हैं कि थोड़ी सी हवा और बारिश में आपूर्ति रोकनी पड़ती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि विभाग बिजली कटौती के वास्तविक कारणों को सार्वजनिक करे और स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए।क्षेत्र में चर्चा है कि बार-बार की बिजली कटौती ने लोगों का धैर्य जवाब देना शुरू कर दिया है। यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उपभोक्ता आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्षेत्र की जनता आखिर कब तक अंधेरे और बिजली संकट की मार झेलती रहेगी, और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठा रहे हैं।

