रिपोर्ट- ओम प्रकाश साहू (एमडी न्यूज
लखनऊ मोहनलालगंज। यूपी की राजधानी लखनऊ में 24 घंटे से ज्यादा से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। जहां शहर के लोगों के लिए ये बारिश मौसम सुहाना कर रही है, वहीं किसानों के लिए ये आफत बनकर बरसी है।जिले की सबसे बड़ी तहसील मोहनलालगंज के धनुवासांड गांव में किसानों की पकी-पकाई धान की फसल पूरी तरह धराशायी हो गई है। खेतों में 2 से 3 फीट तक पानी भरा है, जिससे सैकड़ों बीघा फसल सड़ने की कगार पर है।खेत में बिछ गई सोने जैसी फसल!इस बार मानसून अच्छा होने से धान की फसल बहुत शानदार थी। किसान कटाई की तैयारी में थे। तभी इस बेमौसम बारिश ने सब बर्बाद कर दिया। तेज हवा और बारिश के कारण धान की बालियां जमीन पर लेट गई हैं। पानी में डूबे रहने से धान के दाने अंकुरित हो रहे हैं और काले पड़ रहे हैं, जिससे अब वो बाजार में बिकने लायक भी नहीं रहे।किसानों की आंखों में आंसू, बोले- अब क्या खाएंगे?गांव के किसानों का कहना है कि इस बार फसल बहुत अच्छी थी, कटाई 10-15 दिन में शुरू होने वाली थी। लेकिन इस बेमौसम बारिश ने सब कुछ तबाह कर दिया। एक किसान ने बताया एक बीघा में 8 से 10 हजार का खर्चा आया था, कर्ज लेकर खेती की थी। अब फसल धराशायी हो गई तो कर्ज कैसे चुकाएंगे और परिवार कैसे पालेंगे?प्रशासन बेखबर?अभी तक कृषि विभाग या राजस्व विभाग की कोई टीम गांव में नुकसान का सर्वे करने नहीं पहुंची है। किसानों ने जिलाधिकारी लखनऊ और उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा और फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की है।अगर जल्द पानी की निकासी नहीं हुई और धूप नहीं निकली तो धनुवासांड के साथ-साथ मऊ, सिसेंडी, और कनकहा के भी सैकड़ों किसानों की फसल बर्बाद हो जाएगी।

