संवाददाता -विशाल गुप्ता बाराबंकी।

तेज हवाओ के साथ बीते 36 घंटो से हो रही निरंतर बारिश ने किसानो के अरमानो पर पानी फेर दिया है महंगी लागत लगाकर तैयार की गयी धान की फ़सल जमीन पर नतमस्तक हो गयी है वही तेज हवा चलने के कारण पेड़ एव बिजली के खम्भे टूट गये है जिससे ग्रामीण बीते 24 घंटे से अंधेरे मे है। धान की अगेती फसल की खेती करने वाले किसानों को इस बार अच्छे उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन पिछले 36 घण्टे से लगातार हुई बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कई खेतों में पानी भरने से धान फसल में ही अंकुरित होने की प्रबल संभावना हो गई हैं।बताते चलें कि कृषि क्षेत्र में मेन्था खेती के आलावा आलू एव सरसो की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है जिससे ज्यादातर किसान अगेती धान की फसल करते हैं, लेकिन इस बार सितंबर माह के अंत में लगभग अगेती धान की फसल तैयार होने को है तो हो रही बारिश ने किसानों के लिए अभिशाप बन गई। बीते 36 घण्टे से लगातार बरसात और तेज हवाओं ने फसळो को चौपट कर दिया है तथा खेतों में फसल लेट गई हैं। जिससे कटाई में बाधा आएगी। साथ ही धान की पैदावार पर इसका काफी प्रभाव पड़ेगा। बारिश और तेज हवा के बीच क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित है। विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दो सैकड़ा से गांवों में करीब दो दिन से विद्युत आपूर्ति बाधित होने की बात सामने आ रही है। लगातार बिजली नहीं आने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। मोबाइल चार्जिंग से लेकर पेयजल और घरेलू जरूरतों तक लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हाइवे एव उपमार्गो पर दर्जनों पेड़ तेज हवा के चलते गिर गये है तथा आवगमन मे दिक्क़ते बनी हुई है गाँवो के बींच स्थित छोटे छोटे ताल तलाइयो मे पानी भर जाने से ग्रामीणों के घरो मे पानी घुस गया है बहरहाल बारिश का क्रम निरंतर जारी है और ग्रामीणों की समस्याए बढ़ती जा रही है।

1 view

By MD News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *