
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में डीएम सख्त, खराब रैंकिंग वाले विभागों को चेतावनी
रिपोर्टर प्रदीप पांडेय बदायूं
बदायूँ: 12 अक्टूबर।
जनपद बदायूं ,जिलाधिकारी अवनीश राय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला, परियोजना निदेशक डीआरडीए सतेन्द्र सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ सीएम डैशबोर्ड पर माह सितंबर में दर्ज विकास कार्यक्रमों एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की रैंकिंग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कम प्रगति वाले विभागों के प्रति नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाकर निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि माह सितंबर की रैंकिंग में 59 कार्यक्रमों को ए श्रेणी प्राप्त हुई है। वहीं एनआरएलएम आरएफ, सीआईएफ, जननी सुरक्षा योजना का लाभ, सेतुओं का निर्माण, नई सड़कों का निर्माण, ओडीओपी वित्त पोषण योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना तथा निर्माण कार्य सीएमआईएस सहित सात कार्यक्रमों को बी श्रेणी प्राप्त हुई। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं फैमिली आईडी सहित दो कार्यक्रम सी श्रेणी में रहे। ओडीओपी टूलकिट योजना एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना सहित दो कार्यक्रमों को डी श्रेणी प्राप्त हुई, जबकि 14 कार्यक्रम एनए श्रेणी में रहे।जिलाधिकारी ने बी, सी एवं डी श्रेणी प्राप्त करने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यक्रमों की प्रगति का गहनता से विश्लेषण करें तथा जिन बिंदुओं पर अपेक्षित उपलब्धि नहीं हुई है, उन्हें चिह्नित कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित रैंकिंग शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए सभी अधिकारी नियमित समीक्षा करते हुए अपने विभागों की रैंकिंग में सुधार लाएं और निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करें।निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराए जाएं।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की प्रगति में आने वाली बाधाओं का समय से समाधान करते हुए परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूरा कराया जाए।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यक्रमों की प्रगति में सुधार लाते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। कार्यों में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। बैठक में संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।—-
