महराजगंज। जिले के निचलौल और ठूठीबारी थाना क्षेत्रों में तैनात आरक्षियों के कार्यकाल और उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निचलौल थाने में तैनात आरक्षी मनीष सिंह और ठूठीबारी थाने में तैनात आरक्षी बलवंत यादव की तैनाती को लेकर पारदर्शिता की मांग की जा रही है। सवाल यह है कि लंबे समय तक एक ही थाना क्षेत्र में सेवा देने वाले पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र की समय-समय पर समीक्षा क्यों नहीं की जा रही है?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरक्षी बलवंत यादव ने ठूठीबारी थाना क्षेत्र में डायल-112 सेवा के अंतर्गत करीब दो वर्ष तक ड्यूटी की। इसके बाद भी उसी थाना क्षेत्र में लगभग डेढ़ वर्ष तक उनकी तैनाती रहने की बात कही जा रही है। इस तरह उनका कुल कार्यकाल करीब साढ़े तीन वर्ष बताया जा रहा है। ऐसे में उनकी तैनाती और कार्यक्षेत्र की समीक्षा किए जाने की मांग उठ रही है।

वहीं, निचलौल थाने में तैनात आरक्षी मनीष सिंह को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि निर्धारित अवधि से अधिक समय तक तैनाती के बावजूद वह कथित तौर पर ‘कारखास’ की भूमिका में सक्रिय हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित अभिलेखों की समीक्षा जरूरी मानी जा रही है।

पुलिस व्यवस्था में बीट ड्यूटी का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों की रोकथाम करना और क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखना है। ऐसे में यह मांग उठ रही है कि संबंधित आरक्षियों की वास्तविक बीट, जिम्मेदारियां और तैनाती की अवधि स्पष्ट की जाए, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि संबंधित क्षेत्रों में कथित तौर पर अवैध शराब, गांजा बिक्री और शराब सेवन से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। इन आरोपों की सत्यता की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि जिम्मेदार पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए।

मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक महराजगंज से मांग की जा रही है कि आरक्षी मनीष सिंह और बलवंत यादव की तैनाती अवधि, ड्यूटी रिकॉर्ड, बीट की जिम्मेदारी तथा कार्यशैली की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। यदि नियमानुसार आवश्यक हो, तो उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की कथित सांठगांठ की आशंका दूर हो और आम जनता का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हो सके।

लंबे समय तक एक ही थाना क्षेत्र में तैनाती अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं है, लेकिन जब किसी पुलिसकर्मी की भूमिका और कार्यक्षेत्र को लेकर सवाल उठते हैं, तो उनका पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए। अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक महराजगंज इन शिकायतों और आरोपों का संज्ञान लेकर जांच कराते हैं या नहीं।

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