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गोला गोकर्णनाथ, खीरी राजस्व न्यायालयों में पत्रावलियों के नियमानुसार निस्तारण, समय से आदेश पारित करने और तहसील परिसर की समस्याओं को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन ने आपात बैठक की। बैठक में विभिन्न समस्याओं पर नाराजगी जताते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि बुधवार से अधिवक्ता तहसील परिसर में धरना देंगे।
बैठक में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि राजस्व न्यायालयों में वादों की पत्रावलियों पर समय से आदेश पारित नहीं किए जा रहे हैं और पारित आदेशों को ऑनलाइन अपलोड करने में भी देरी हो रही है। वादकारियों और अधिवक्ताओं को मांगने पर संबंधित मुकदमों की फाइलें उपलब्ध न होने की समस्या भी उठाई गई।
अधिवक्ताओं ने धारा 34, 38 और 80 से संबंधित पत्रावलियों के निस्तारण में मनमानी किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कार्य नहीं हो रहा है। उनका कहना था कि जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देने के बावजूद तहसील परिसर की सड़कों तथा अधिवक्ताओं के टीन शेड की मरम्मत नहीं कराई गई है। इसके अलावा शौचालय बंद एवं खराब होने और तहसील के एक पटल से दूसरे पटल तक कागजात पहुंचने में एक सप्ताह तक लगने जैसी समस्याएं भी बैठक में उठाई गईं।
अधिवक्ताओं ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए कहा कि समस्याओं के समाधान और कार्यप्रणाली में सुधार के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बैठक में इन सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद धरना देने का निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजीव मिश्र ने की, जबकि संचालन महामंत्री संदीप कुमार अवस्थी ने किया। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता एवं एल्डर्स कमेटी के सदस्य सुरेश चंद गुप्ता, संत कुमार भारती, राकेश त्रिपाठी, नीरज मिश्रा, हरनाम पांडे, रमेश वर्मा, पंकज वर्मा, आदर्श शुक्ला, नीलकमल गुप्ता, सुरेंद्र कुमार, रामकृष्ण मिश्रा, सुरेश गिरी, संजय मिश्रा, महेंद्र शुक्ला, सत्य प्रकाश मिश्रा, संजय वर्मा, राजेंद्र रस्तोगी और हरि कृष्ण माहेश्वरी सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में सुधार, पत्रावलियों के समयबद्ध निस्तारण और तहसील परिसर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बुधवार से धरना दिया जाएगा।
