तेज बहादुर शर्मा गुड्डू
एम डी न्यूज
रामनगर बाराबंकी
बाराबंकी जिला की तहसील रामनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत मड़ना के बलिदान पुरवा में कथावाचक शिव शंकर शुक्ल द्वारा श्री राम और केवट के संवाद की कथा सुनाई गई जब बार-बार मांगने पर केवट ने नव लाने से इनकार कर दिया तब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने कहा हे लक्ष्मण भारत के बिना कोई प्रीत नहीं होती है इस समय शेषनाग के अवतार लक्ष्मण जी ने धनुष पर बाढ़ चढ़ा लिया तब केवट नव लाने के लिए तैयार हुआ उसने कहा कि आप के चरण कमल से पत्थर बनी अहिल्या स्त्री हो गई अगर आप मेरे नाव पर रख देंगे तो वह भी स्त्री हो जाएगी इस तरह मैं अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करूंगा।

केवट ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम शर्त रखी इस जन्म में मैं तुमको उसे पर ले जाऊंगा लेकिन आपको भी मुझे उसे पर ले जाना होगा अगले जन्म में भगवान श्री राम ने केवट को नव की उतराई लेने को कहा उसे समय सीता जी ने अपनी अंगूठी उतार कर केवट को दी लेकिन केवट ने भगवान श्री राम के चरणों में अपना असर रख दिया उसने कहा कि मैं सबको पर उतारता हूं लेकिन आप सबको भवसागर पार उतारते है। अंत में भगवान श्री राम ने केवट से बहुत अपनी मजदूरी लेने का आग्रह किया लेकिन उसने कहा कि आप हमें भक्ति का आशीर्वाद दे दे।
