‘स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग’ का नाम बदलकर ‘मातृत्व एवं गरिमा एवं महिला स्वास्थ्य प्रभाग’ करने का प्रस्ताव, विशेषज्ञों की पदवी में बदलाव की भी मांग
राष्ट्रीय ब्यूरो(एमडी न्यूज़)
महराजगंज। महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और नारी गरिमा को प्रमुखता देने के उद्देश्य से महराजगंज के अधिवक्ता एवं ‘बॉर्डर लॉयर्स ट्रस्ट’ के सह-संस्थापक विनय कुमार पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर चिकित्सा क्षेत्र में प्रचलित शब्दावली में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने ‘स्त्री एवं प्रसूति रोग’ (Gynecology & Obstetrics) विभाग का नाम बदलने के साथ ही इस क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों की पदवी को भी अधिक सम्मानजनक स्वरूप देने का अनुरोध किया है।

विभाग और विशेषज्ञों की पदवी बदलने का प्रस्ताव
23 अक्टूबर 2026 को लिखे गए पत्र में विनय कुमार पांडेय ने प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली से इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार करने की अपील की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि वर्तमान ‘स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग’ का नाम बदलकर ‘मातृत्व एवं गरिमा एवं महिला स्वास्थ्य प्रभाग’ (Maternal Dignity and Women’s Health Division) किया जाए। इसके साथ ही ‘स्त्री रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ’ के स्थान पर ‘मातृत्व एवं नारी गरिमा विशेषज्ञ’ पदवी अपनाने का प्रस्ताव भी रखा है।
महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण पर जोर
अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय का कहना है कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नारी को सम्मानजनक स्थान दिया गया है। ऐसे में चिकित्सा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली शब्दावली में भी महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ उनकी गरिमा और मातृत्व के महत्व को प्रमुखता मिलनी चाहिए। उनके अनुसार, प्रस्तावित बदलाव चिकित्सा व्यवस्था में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में एक पहल हो सकता है।
राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा कराने की अपील
विनय कुमार पांडेय ने प्रधानमंत्री से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक नीतिगत पहल की संभावनाओं पर ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होने से महिला स्वास्थ्य, मातृत्व और नारी गरिमा से जुड़े पहलुओं को नई पहचान मिल सकती है।
महराजगंज, उत्तर प्रदेश के निवासी अधिवक्ता पांडेय ने अपने पत्र में महिला सशक्तिकरण और सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए इस सुझाव पर व्यापक स्तर पर विचार करने की अपील की है।
अभी प्रस्ताव के स्तर पर है पहल
फिलहाल यह अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय की ओर से प्रस्तुत सुझाव है। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय या केंद्र सरकार की ओर से किसी निर्णय अथवा आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है।
