रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर डिडौली गांव के पास दो गुटों के बीच हुए गैंगवार के मामले में 12 दिन बाद भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
सीसीटीवी फुटेज में पथराव की पुष्टि होने के बावजूद कार्रवाई न होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के बजाय दोनों पक्षों में सुलह कराने का प्रयास कर रही है। डिडौली निवासी आलोक सिंह ने 21 अक्टूबर को महिंद्रा
सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे
एजेंसी के सेल्स मैनेजर मनीष गुप्ता, अभिषेक प्रताप सिंह उर्फ टेकारी, पंकज यादव, कुंदन यादव और दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आलोक भी एजेंसी में सेल्समैन हैं। वाहन खरीदारी के विवाद में आरोपियों पर आलोक और जयदीप सिंह से मारपीट करने और उनकी कार क्षतिग्रस्त करने का आरोप है। दहशत फैलाने के लिए 10 से 12 राउंड हवाई फायरिंग भी की गई थी। सीओ महाराजगंज प्रदीप कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।
Md News Network रायबरेली यूपी के लिए, उप ब्यूरो, रवि शंकर सिंह की रिपोर्ट

