सल्तनत खान और सायमा खान को सम्मान पत्र देकर किया गया सम्मानित, महिला सशक्तिकरण की बनीं मिसाल

मोहम्मद सलमान
सहायक ब्यूरो प्रमुख बाराबंकी (एम डी न्यूज)

देवा शरीफ, बाराबंकी। हजरत हाजी वारिस अली शाह की सरजमीं पर आयोजित ऐतिहासिक देवा मेला 2026 एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब, हिंदू-मुस्लिम एकता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बना। मेले में आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों के बीच दो सगी बहनों सल्तनत खान और सायमा खान ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन से क्षेत्र का नाम रोशन किया।
31 अक्टबर 2026 को मेले के केंद्रीय पंडाल में आयोजित बाल दिवस कार्यक्रम के दौरान मोहम्मदपुर चौकी, सफेदाबाद निवासी स्वर्गीय मोहम्मद नसीर की बेटियों सल्तनत खान और सायमा खान को उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों के लिए अतिथियों द्वारा सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर आयोजित मेहंदी प्रतियोगिता में सल्तनत खान ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया और अपनी कला से उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, दोनों बहनों को मंच पर सम्मानित किए जाने से उनके परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
सल्तनत खान और सायमा खान की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। दोनों बहनों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के माध्यम से यह संदेश दिया है कि बेटियों को यदि उचित अवसर, प्रोत्साहन और आगे बढ़ने का मंच मिले तो वे हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
इस उपलब्धि पर आशंका बुलेटिन समाचार पत्र की टीम एवं देवा मेला समिति की ओर से दोनों बहनों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
देवा मेले की गौरवशाली परंपरा में दोनों बहनों की यह उपलब्धि प्रतिभा, आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उनकी सफलता निश्चित रूप से क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी अपनी प्रतिभा निखारने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है!

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