अटसू-अजीतमल तहसील क्षेत्र के ग्राम कुल्हुरूआ में श्रीमद् भागवत कथा और रामलीला का आयोजन हो रहा है। जिसमें आज कथा के अंतिम दिन गोवर्धन पूजन की कथा वाचक रिया शास्त्री ने विस्तार पूर्वक कथा रुक्मिणी, विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री थी।

वह श्रीकृष्ण को अपनी जान से भी ज्यादा चाहती थी और किसी और से विवाह करना नहीं चाहती थी। रुक्मिणी के पिता ने उनकी इच्छा के विरुद्ध उनका विवाह चेदिराज शिशुपाल के साथ तय कर दिया था।


जब रुक्मिणी को पता चला कि उनकी शादी शिशुपाल से होने वाली है, तो उन्होंने नारद मुनि को श्रीकृष्ण से सहायता के लिए प्रार्थना करने के लिए कहा। नारद मुनि ने श्रीकृष्ण को रुक्मिणी की परेशानी बताई और उन्होंने रुक्मिणी की रक्षा के लिए जल्दी ही द्वारका आने का वादा किया।

लीला का महत्व

रुक्मणि विवाह लीला, भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम, शक्ति और भक्तों की रक्षा के प्रति उनकी भक्ति को दर्शाती है। यह कथा हमें सिखाती है कि प्रेम और भक्ति से भगवान को प्राप्त किया जा सकता है।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

सीएचसी स्योहारा में 30 साल से अधिक उम्र के लोगों की नियमित हो रही एनसीडी स्क्रीनिंग।……………………………रिपोर्टर नौशाद मालिक…………………………….बीपी, शुगर समेत कैंसर की जांच की सुविधा, अधीक्षक डॉ स्नेही ने लोगों से एनसीडी स्क्रीनिंग कराने की अपील की।स्योहारा। गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की समय रहते पहचान और रोकथाम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्योहारा में 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने वाले लोगों की ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कैंसर आदि से संबंधित जांच की जा रही है।जबसे सीएचसी स्योहारा में एनसीडी चिकित्सा अधिकारी डॉ अभिजीत भारद्वाज की पोस्टिंग हुई है । एनसीडी स्क्रीनिंग में भी सुधार हुआ है।जिले मे स्योहरा 3 नंबर पर आ गया है।