विद्यालय युग्मन के विरोध में यूटा का ज्ञापन ।बाराबंकी: यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन यूटा जनपद बाराबंकी के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार के निर्देशन में पचास से कम नामांकित छात्रों वाले परिषदीय विद्यालयों को युग्मन/पेयरिंग करने की प्रस्तावित नीति के विरोध व पुनर्विचार किये जाने के सम्बन्ध में माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन माननीय मंत्री सतीश शर्मा व विधायक हैदरगढ़ दिनेश रावत के माध्यम से प्रेषित किया गया। ज्ञात हो कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश में सर्व शिक्षा अभियान प्रारंभ किया था। तत्कालीन सरकार की सोच थी कि 6 वर्ष से 14 वर्ष तक आयु के बच्चों को सुलभ व आवश्यक प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, इसी कारण प्रत्येक ग्राम-मजरे में प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की गई थी। इतना ही नही इस अभियान के तहत प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य व निशुल्क कर दिया गया था। सर्व शिक्षा अभियान के प्रावधान को मौलिक अधिकार बनाया गया था। वर्तमान में काम छात्र संख्या नामांकन के आधार पर परिषदीय विद्यालयों का युग्मन कर बंद करने के निर्णय के सम्बन्ध में ज्ञापन दिया गया। शिक्षकों के इस ज्ञापन में पेयरिंग/युग्मन नीति को छात्र एवं शिक्षक विरोधी बताते हुए शिक्षक संगठन यूटा ने अपना विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों का यह मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के भविष्य के साथ पेयरिंग/युग्मन नीति घोर अन्यायपूर्ण है। विद्यालयों की जबरन विलय की प्रक्रिया से न केवल शिक्षण के संस्थानों में कमी आयेगी बल्कि स्वतः ही शिक्षकों के पदों में कटौती भी सुनिश्चित हो जायेगी, जो शिक्षा शिक्षक एवं विद्यालय के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस अवसर ओर जिला संयुक्त मंत्री सकिब क़िदवाई, जिला संगठन मंत्री दीपक मिश्रा, जिला महिला उपाध्यक्ष श्रीती बैसवार, ब्लॉक अध्यक्ष सिद्धौर देवेन्द्र निरंजन, ब्लॉक अध्यक्ष हैदरगढ़ अभय सिंह, संग्राम वर्मा, देवेन्द्र कुमार, पवन किशोर, रामू, अमित कुमार, संदीप गौतम, आशीष वर्मा, चन्द्र विजय सिंह, शैलेन्द्र रावत, राजेश श्रीवास्तव, संजय सिंह, आलोक श्रीवास्तव, ब्रजेन्द्र मिश्रा, मोहित सिंह, सत्यधर द्विवेदी आदि शिक्षक उपस्थित रहे। रिपोर्ट तेज बहादुर शर्मा जिला संवाददाता बाराबंकी।


