रिपोर्ट मनीष कांत शर्मा
दिनाँक 2 अगस्त 2025 को बदायूँ के मशहूर शायर कलाकार आदर्श शिक्षक मरहूम शराफत हुसैन समीर की याद में शाम 6 बजे से शाम ए समीर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नेहरू इंटर कॉलेज रुदायन के प्रधानाचार्य आलोक पाठक ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ सलमान अहमद,आलोक पाठक और फरहत हुसैन ने संयुक्त रूप से शमा रोशन कर किया।

प्रारम्भ में कार्यक्रम के संयोजक उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के महामंत्री शराफत समीर के बड़े भाई फरहत हुसैन ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की ,उन्होंने बताया कि शराफत समीर के जन्मदिन एक अगस्त के मौके पर इस कार्यक्रम को प्रतिवर्ष आयोजित करने की योजना है,शराफत समीर को बदायूँ का रसखान कहा जाता है उन्होंने हमेशा यकजहती की बात की और अपनी शायरी में समाज को जोड़ने की बात की।

कार्यक्रम का संचालन अंतर्राष्ट्रीय शायर वसीम नादिर ने किया
उन्होंने कहा,मैं चाहूँ दो कदम चल पाऊं लेकिन पांव मेरे हों
किसी भी हाल में बैसाखियाँ अच्छी नही लगती।
डॉ सोनरूपा विशाल ने कहा समझते थे जो समझाया गया है
हमे हम से मिलवाया गया है
खालिद अख़लाक़ ने कहा
जाने सितमग़री की ये कौन सी है मंज़िल
संजीदा कर दिया है एक मसखरे को मैने
ज़ाकिर अली ने पढ़ा
तमाम ज़िन्दगी मैं इन्तिज़ार कर लूंगा
वो एक बार यह कह दे कि आ रहा हूँ मैं।
मुकेश कमल ने गीत पढ़ा
लहर इक मुद्दतों के बाद आई
कोई बिजली सी चमकी है ज़हन में तुम्हारी याद आयी याद आई
मुकेश कमल ने शराफत समीर की याद में कहा हार गए हम तुम्हे ढूंढते ढूंढ़ते न जाने कहाँ खो गए तुम
आबशार आदम ने कहा
तमाम उम्र ठहर कर वहां मैं क्या करता
तुम्हारे शहर का मंजर ही खुशगवार न था
मूसारिफ हुसैन ने कहा
इतनी क़ुरबत भी नहीं है के लिपट कर रोले
ऐसे बिछड़े भी नहीं है के क़रार आजाये
आकिब जावेद ने कहा
उन लड़कियों को इश्क़ की तालीम दी गयी
बचपन मे जिन के सर से दुप्पट्टे नहीं हटे
अज़हान ज़िया ने कहा
मुद्दत से जिन गमो को छुपाता रहा हूँ मै
अब उन गमो की नगमा सराई का वक़्त है ।
अभिषेक अनन्त ने कहा
मैं तुमको आज उतना याद करना चाहता हूं
हां’ सच उतना कि जितना याद करना चाहता हूं
बहुत कुछ कह चुका हूं मैं सहारे आंसुओं के
कहूं कैसे कि कितना याद करना चाहता हूं…
अहमद अमजदी ने कहा कि
मैं उसकी आंखों से रोने लगा हूॅं
मिरा दिल पत्थर होता जा रहा है
इस अवसर पर मोहम्मद राशिद क़ादरी,ज़मीर अहमद,तंजीर अहमद,नज़ाकत हुसैन,अतीक अहमद,सौरभ सक्सेना,कमाल अहमद,मोहम्मद नाज़िम,विकारुद्दीन,मोहम्मद अय्यूब, सौरभ सक्सेना,सचिन सादिक़,कौस्तव सिंह,सनाउल मुस्तफा,कजिल वॉश, तौहीद,मोहम्मद वाहिद,आज़ाद आलम,मो मज़हर ,मुवीन अहमद आदित्य सक्सेना आदि उपस्थित रहे।
