बहुआयामी समाचार- मोहम्मद अशफाक की रिपोर्ट
गोला गोकरणनाथ खीरी। रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व से पहले जब घर-परिवारों में खुशियों की तैयारियां चल रही हैं,उसी वक्त बांकेगंज उप डाकघर सहित सभी क्षेत्र के डाकघर की डिजिटल सेवाओं का ठप होना,जरूरतमंदों के लिए चिंता और परेशानी का कारण बन गया है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खाताधारक-जिनमें विधवा महिलाएं,दिव्यांगजन तथा किसान सम्मान निधि के लाभार्थी शामिल हैं-पिछले छह दिनों से अपने भुगतानों के लिए डाक घर के चक्कर काटने को मजबूर हैं। सर्वर डाउन होने से स्पीड पोस्ट तथा पर्सनल जैसी तमाम सेवाओं की गति सुस्त, ऐसे में बहनों की राखियां भी रास्ते में अटक गई है रक्षाबंधन का आज लास्ट दिन है ऐसे में बहनों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल राखी समय से भेजती हूं मगर इस बार डाक विभाग का रवैया पल्ले नहीं पड़ा। मुख्य डाकघर से लेकर कई डाकखानों में लगी है लंबी लंबी कतारे लग रही हैं।बांकेगंज उप डाकघर के मैनेजर ओमप्रकाश गौतम ने बताया की डाक विभाग के नए सॉफ्टवेयर नया वर्जन आईटी 2.0 में आ रही लगातार तकनीकी दिक्कत सिस्टम अपडेट न हो पाने की वजह से खाता धारको को हर दिन मायूसी के साथ खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

डाकघर के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं। तेज बारिश और उमस के बीच बुजुर्ग व महिलाएं,दिव्यांग तथा गरीब ग्रामीण घंटों इंतजार करते हैं, उम्मीद लिए कि आज शायद भुगतान हो जाएगा। लेकिन हर दिन उन्हें यही सुनने को मिलता है-सिस्टम व सर्वर डाउन है,कल आइए। स्थानीय लोगों का कहना है कि छह दिन बीत जाने के बावजूद न तो समस्या का समाधान हुआ,न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है। कर्मचारी भी असहाय नजर आते हैं,क्योंकि उनके पास भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इससे पहले भी ऐसी तकनीकी समस्याएं देखने को मिली हैं, लेकिन त्योहारों के ठीक पहले इस तरह की अव्यवस्था लोगों की भावनाओं पर चोट कर रही है। रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर,जहां एक बहन को अपने भाई से रक्षा-सूत्र के साथ तोहफे की उम्मीद होती है, वहीं भुगतान में देरी ने कई घरों की तैयारी अधूरी छोड़ दी है। अब सवाल यह है कि क्या डाक विभाग समय रहते अपनी सेवाएं सामान्य कर पाएगा? या फिर सरकारी सिस्टम की यह सुस्ती फिर एक बार आम आदमी की उम्मीदों पर भारी पड़ेगी?
