बाराबंकी।उत्तर प्रदेश के छात्रावास में अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए 30 प्रतिशत आवंटन सवर्णों को देने के विरोध में शुक्रवार को भारतीय विद्यार्थी मोर्चा एवं भारतीय विद्यार्थी छात्रावास संघ के द्वारा जिला अधिकारी महोदय को ज्ञापन सौंपा गया।


दिए गए ज्ञापन में दर्शाया गया कि समस्त जनपदों में विगत कई वर्षों से समाज कल्याण विभाग के द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों हेतु छात्रावास आवंटन करके संचालित किया जाता है। जिसमें गरीब एवं भूमिहीन छात्र रहते हैं जो किराए का रूम एवं अन्य छात्रावास नहीं ले सकते हैं। इसलिए समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित पूर्व छात्रावास होने से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के छात्रों को पठन-पाठन में सुविधा होती है और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का उन्हें अवसर मिलता है। परंतु शासन का आदेश दिनांक 6/ 9 /2011 के क्रम में 30% सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षित कर दिया गया था। जिसे तत्काल प्रभाव से शासन के द्वारा 27/9/2011 के उक्त आदेश को विलोपित किया गया था। पुनः आदेश संख्या 1346 / 26/ 3/ 2012 /14(3) 2011 के आदेश संख्या 2278/ 23/2/2013 को 30% सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लागू कर दिया जो न्याय संगत तथा संवैधानिक नहीं है। जबकि छात्रावास की स्थापना शासनादेश संख्या 4261/ 26 /03 /1987 से लेकर आज तक वंचित समाज अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र ही छात्रावासो में पठन पाठन कर रहे हैं ।उक्त समस्या को लेकर भारतीय विद्यार्थी मोर्चा एवं भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रावास संघ ने आज जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन देकर यह आवाज उठाई है कि उक्त आदेश प्रस्तर – 1 के उप प्रस्तर – 2 को तत्काल प्रभाव से शासन का आदेश संख्या 2278/ 23 /02/ 2013 आदेश संलग्न है को अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों के हित में पूर्ण रूप से निरस्त किया जाना न्याय संगत होगा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक और सामान्य समुदाय के लोगों को अलग से छात्रावास आवंटित किया जाना चाहिए। ओबीसी अल्पसंख्यक और सामान्य लोगों के लिए छात्रावास अलग से हर जिले में बनवाया जाए ।जर्जर छात्रावासो का पुनः निर्माण कराया जाए। छात्रावास में उनकी सुविधा सुनिश्चित किया जाए जैसे मेस ,लाइब्रेरी इत्यादि ।यदि सरकार उक्त मांगे नहीं मानती है तो भारतीय विद्यार्थी मोर्चा एवं भारतीय विद्यार्थी छात्रावास संघ के द्वारा प्रदेश भर में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर विक्रम सिंह एडवोकेट. प्रदेश उपाध्यक्ष बहुजन मुक्ति मोर्चा,अभिषेक रावत प्रदेश मीडिया प्रभारी भारतीय विद्यार्थी मोर्चा,हंसराज चौधरी एडवोकेट पूर्व जिला अध्यक्ष भारतीय विद्यार्थी मोर्चा,चन्द्रशेखर जिला संयोजक भारतीय बेरोजगार मोर्चा,उषा भारती जिला अध्यक्ष भारतीय विद्यार्थी छात्रा प्रकोष्ठ बाराबंकी ,अमित कुमारी एडवोकेट,अंजू रावत , डॉ रामफल कार्यकारी जिला अध्यक्ष बीएमपी बाराबंकी,विक्रम जीत बौद्ध जिला संयोजक बी आई एन बाराबंकी, धर्मकुमार यादव समाजसेवी,राममनोहर मीडिया प्रभारी भारत मुक्ति मोर्चा,मास्टर गुरदीन,मैना देवी बाराबंकी आदि लोग मौजूद रहे।

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