लखीमपुर खीरी
एम डी न्यूज

तहसील रिपोर्ट दीपक राठौर

गोला गोकर्णनाथ शहर के मोहल्ला नीचीभूड़ घोसियाना में गुरुवार को दर्दनाक हादसे में एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक महिला सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब टीन चादर लदे एक ई-रिक्शा से चादर गिरकर राहगीरों पर आ गिरी। मोहल्ला तीर्थ निवासी 60 वर्षीय मुन्ना पुत्र फारूक अली, जो कि रोजाना साइकिल से बेकरी माल की दुकान पर सप्लाई देने जाया करते थे, गुरुवार सुबह मोहल्ला घोसियाना पहुंचे थे। इसी दौरान एक ई-रिक्शा, जो टीन की चादरें लेकर जा रहा था, उनके पास पहुंचा। अचानक चादरों का संतुलन बिगड़ गया और वे मुन्ना पर गिर गईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। हादसे में मोहल्ला घोसियाना निवासी 35 वर्षीय नगमा पुत्री सादिक और एक स्थानीय सब्जी विक्रेता भी चपेट में आ गए। दोनों को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया,
लखीमपुर रोड पर ऑटो पलटने से महिला-पुरुष घायल
20 कुंतल लोहे का सामान लदा था सवारी वाले ऑटो में, संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा
मंगलवार को गोला कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लखीमपुर रोड पर एक बड़ा हादसा उस वक्त हुआ जब भारी माल लदा एक सवारी ऑटो पलट गया। हादसे में एक महिला और एक पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत गोला सीएचसी ले जाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऑटो पर लोहे के तख्त और एंगल लदे हुए थे। करीब 20 कुंतल वज़न के साथ जब वाहन को एक संकरी गली में मोड़ा गया तो वह संतुलन खो बैठा और पलट गया। लोगों ने पहले ही चालक को सावधान किया था, लेकिन चेतावनी को अनदेखा करते हुए उसने गाड़ी मोड़ दी।
माल ढुलाई के लिए सवारी ऑटो का इस्तेमाल, प्रशासन की अनदेखी
हादसे के बाद खुलासा हुआ कि यह ऑटो मूल रूप से सवारी ढोने के लिए पंजीकृत था, लेकिन उस पर लंबे समय से अवैध रूप से कमर्शियल माल की ढुलाई की जा रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह ऑटो नगर के मुन्नूगंज क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति का है, और नगर पालिका व पुलिस की मिलीभगत से यह कारोबार खुलेआम चल रहा था।
युवक के मोबाइल से तस्वीरें-वीडियो डिलीट कराए, सच दबाने की कोशिश
हादसे के बाद जब एक स्थानीय युवक घटनास्थल की जानकारी लेने और ऑटो की तस्वीरें लेने कोतवाली पहुंचा, तो वहां मौजूद दरोगा ज्ञानदेव मिश्रा ने युवक के मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो जबरन डिलीट करवा दिए। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासन सच्चाई को सामने लाने के बजाय उसे दबाने में लगा है।
जनता में उबाल, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
लगातार हो रही दुर्घटनाओं और प्रशासन की उदासीनता को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे वाहनों पर रोक लगाई जाती और माल ढुलाई के लिए उचित वाहनों का उपयोग सुनिश्चित कराया जाता, तो मासूम लोगों की जान खतरे में न पड़ती।
आए दिन हो रहे इन हादसों से यह स्पष्ट है कि जब तक नगर पालिका और पुलिस प्रशासन मिलकर अवैध परिवहन पर रोक नहीं लगाएंगे, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि आमजन की जान के साथ खिलवाड़ है।…

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