दंडक्रम पारायण कर्ता सांगवेद विद्यालय में अभिनंदन समारोह का हुआ विशाल आयोजन।

वाराणसी। दंडक्रम पारायण कर्ता अभिनंदन समारोह, जो आज शनिवार को सांगवेद विद्यालय में आयोजित हुआ इसके अभिलक्ष्य में अभिनंदन समिति की ओर से पंडित विश्वेश्वर शास्त्री द्राविड़, पद्मश्री गणेश्वर शास्त्री द्राविड़, श्री नृसिंह आश्रम स्वामीजी, महेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी, चंद्रशेखर द्राविड़,प्रो. माधव जनार्दन रटाटे, प्रो. पतंजलि मिश्र, पांडुरंग पुराणिक,भालचंद्र बदल,दिनेश शास्त्री जोशी और गोपाल रटाटे और सदानंद पाठक अनेक संस्थाओं और अनेक प्रदेशों से आए वेदप्रेमी उपस्थित रहे। जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज के आशिर्वाद से, वैदिक सम्राट् श्रीकृष्ण शास्त्री गोडशे की जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में, वेदमूर्ति विश्वनाथ भट्ट जोशी (आलंदी) की स्मृति में तथा पारायणकर्ता की सौ.पूज्य माताजी के पावन स्मृति में काशी इतिहास में प्रथम बार आयोजित शुक्ल यजुर्वेद माध्यंदिनी शाखा का सम्पूर्ण एकाकी कंठस्थ दण्डक्रम पारायण करने वाले मुख्य पारायणकर्ता वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे घनपाठी जी को आज दण्डक्रम विक्रमादित्य और शुक्लयजुर्वेदालंकार ये उपाधियां अनेक मूर्धन्य विद्वानों की पावन उपस्थिति में प्रदान की गई। कार्यक्रम के अध्यक्ष आचार्य जगन्नाथ शास्त्री तैलंग जी रहे । इस अवसर पर दंडक्रम पारायण कर्ता अभिनंदन समारोह समिति की ओर से एक विशिष्ट सम्मान पत्र तथा अंगवस्त्र चिरंजीवी देवव्रत को प्रदान किया गया ।‌ साथ ही साथ देवव्रत के पिता एवं गुरु महेश चंद्रकांत रेखे, श्रोता देवेंद्र रामचंद्र गढीकर तथा पारायण संयोजक नीलेश केदार जोशी का भी सम्मान किया गया। श्रुतिस्मृति ज्ञानमन्दिर वेदपाठशाला अहिल्या नगर की ओर से देवव्रत रेखे को नवरत्न जड़ित स्वर्ण कंकण और रजत मुकुट भी प्रदान किया गया।

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