रिपोर्टर गोंडा- अजीत यादव एमडी न्यूज

गोण्डा – जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरी कृपाल में निरीक्षण करने गई एससी एसटी आयोग की सदस्य अनीता गौतम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर राहुल सोनकर के द्वारा अपनी कुर्सी बैठने के लिए दिया गया । जिससे उनके द्वारा अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर अभिलेखों का निरीक्षण किया गया । जो सिविल सेवा नियमों और प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं है । विभागीय जानकारों के अनुसार संबंधित अधीक्षक को या तो सिविल सेवा नियमों की जानकारी नहीं है ऐसा उनके द्वारा करना उचित नहीं है।
क्या कहता है इस संबंध में सिविल सेवा नियमावली–
सिविल सेवा नियमों और प्रोटोकॉल के अनुसार, विभाग अध्यक्ष (HOD) की कुर्सी की अपनी विशिष्ट गरिमा होती है और उस पर केवल पदस्थ अधिकारी को ही बैठना चाहिए। विज़िट करने वाले किसी अन्य अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि को उस कुर्सी पर नहीं बैठना चाहिए ।
यदि कोई वरिष्ठ अधिकारी या विज़िटिंग ऑफिसर आता है, तो सम्मान स्वरूप उन्हें अपनी कुर्सी खाली करके साइड में बैठना सही शिष्टाचार है, न कि अपनी कुर्सी पर उन्हें बिठाना ।
प्रोटोकॉल: – किसी भी सरकारी अधिकारी या नेता को विभागाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने का अधिकार नहीं है, क्योंकि उस कुर्सी से उस पद का नाम और जिम्मेदारी जुड़ी होती है। संक्षेप में यदि कहा जाए तो विज़िटिंग अधिकारी को अतिथि कुर्सी पर बैठना चाहिए, न कि विभागाध्यक्ष की कुर्सी पर।
क्या कहते हैं इस संबंध में अधीक्षक–
इस संबंध में दूरभाष पर अधीक्षक डॉक्टर राहुल सोनकर से उनका पक्ष जाना गया तो उन्होंने बतलाया कि एससी एसटी आयोग की महिला अनीता गौतम हमारे सीएचसी पर विकसित करने आई थी जिनको मेरे द्वारा अपनी कर्सी बैठने के लिए दी गई थी । वह उच्च पद पर थी इसलिए ऐसा करना मेरा दायित्व था ।
