जिला संवाददाता- विशाल गुप्ता

मसौली बाराबंकी। ग्राम नेवला चौराहा पर स्थित निहारिका पब्लिक स्कूल पर चल रही श्री राम कथा के छठे दिन मंगलवार को कथा व्यास महेन्द्र मृदुल व कुलदीप मृदुलांश ने सुन्दर काण्ड की महिमा का वर्णन किया और इसको सुन्दर काण्ड क्यों कहा जाता है उसका भी विवेचन किया । व्यास जी ने कहा कि हनुमान जी सुन्दर गिरी से इस यात्रा को प्रारम्भ करते है। और इस यात्रा का परिणाम जानकी राघव और स्वयं हनुमान जी के लिए सुंदर हुआ इसी लिए इसे सुन्दर काण्ड कहा जाता है ।जब जामवंत के याद दिलाने पर हनुमान जी अपनी शक्तियों को पहचानते हैं और माता सीता की खोज में समुद्र लांघकर लंका की ओर प्रस्थान करते हैं। रास्ते में मैनाक पर्वत सुरसा और सिंहिका जैसी बाधाओं को अपनी बुद्धि और बल से पार करते हैं। लंका पहुंचकर हनुमान जी विभीषण से मिलते हैं और फिर अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट करते हैं। वे उन्हें राम जी द्वारा दी गई मुद्रिका (अंगूठी) देते हैं जिससे सीता जी को विश्वास हो जाता है। हनुमान जी अशोक वाटिका उजाड़ते हैं और रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध करते हैं। मेघनाद द्वारा बंधक बनाए जाने के बाद वे रावण की सभा में जाकर सीता जी को लौटाने की सलाह देते हैं। रावण क्रोध में हनुमान जी की पूंछ में आग लगवाता है, जिससे हनुमान जी पूरी लंका जला देते हैं। अंत में हनुमान जी माता सीता से चूड़ामणि लेकर श्री राम के पास लौटते हैं और उन्हें सीता जी का समाचार सुनाते हैं। कथा आयोजक डा0 राघवेंद्र वर्मा आशुवेन्द् आशीष कुमार वर्मा,अमर वर्मा,(सीमा आर ओ)उत्तम, वर्मा वीरपाल सिंह, विरेन्द्र कुमार, पुजारी शिवकुमार वर्मा आदि मौजूद रहे ।
