सूबे के शिक्षा निदेशक (उच्च शिक्षा) द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण पत्र के माध्यम से प्रदेश के सभी राजकीय एवं सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों को छात्र संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी निर्देश के अनुसार, आगामी 28 एवं 29 अप्रैल 2026 को इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित होने की संभावना को देखते हुए महाविद्यालयों को पहले से सक्रिय होने को कहा गया है। इसके तहत सभी महाविद्यालय अपने-अपने क्षेत्र के 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित इंटर कॉलेजों से संपर्क स्थापित करेंगे और प्रवेश प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए “प्रवेश उत्सव” कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

पत्र में यह भी निर्देशित किया गया है कि छात्र-छात्राओं को आकर्षित करने के लिए काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएं, जिनकी फोटोग्राफी, ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ प्रमाण भी संकलित किए जाएं। इन गतिविधियों की रिपोर्ट संबंधित क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।

शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि महाविद्यालयों में छात्र संख्या में वृद्धि करना अनिवार्य है। यदि किसी महाविद्यालय में अपेक्षित वृद्धि नहीं होती है, तो संबंधित प्राचार्य, शिक्षक एवं कार्मिकों के कार्य मूल्यांकन में इस तथ्य को शामिल किया जाएगा और शासन को अवगत कराया जाएगा।

इस आदेश की प्रतिलिपि सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को भेजते हुए निर्देश दिया गया है कि वे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करें।

शिक्षा विभाग के इस कदम को उच्च शिक्षा संस्थानों में नामांकन बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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