प्रयागराज/वाराणसी:बिना किसी शिकायत या एफआईआर के खबर चलाना अब भारी पड़ता दिख रहा है। अधिवक्ता भानु प्रताप सेठ ने प्रयागराज टाइम्स न्यूज़ चैनल और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चैनल को ₹20 लाख का मानहानि नोटिस भेजते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

अधिवक्ता सेठ का आरोप है कि न्यूज़ चैनल ने पूरी तरह से झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक खबर चलाई, जिसमें उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए, जबकि न तो कोई एफआईआर दर्ज थी और न ही कोई आधिकारिक शिकायत मौजूद थी। बिना किसी सत्यापन के इस तरह की खबर चलाना न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए, अधिवक्ता भानु प्रताप सेठ ने मांग की है कि इस प्रकरण में शामिल तीन अन्य व्यक्तियों और प्रयागराज टाइम्स न्यूज़ चैनल के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। उनका साफ कहना है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए झूठे आरोप लगाने वाले सभी लोग फर्जीवाड़े और साजिश में शामिल हैं।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि
“बिना FIR या शिकायत के किसी के खिलाफ आरोप लगाना कानूनन अपराध है, और ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
अधिवक्ता ने सभी आरोपियों और चैनल से भारी भरकम मुआवजे (compensation) की भी मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आपराधिक और दीवानी दोनों स्तर पर सख्त कानूनी कदम उठाएंगे।
यह मामला अब मीडिया की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है—क्या बिना जांच के खबर चलाना अब नया ट्रेंड बन चुका है?
