
एम डी न्यूज़ गौरव सक्सेना एम डी न्यूज़ बरेली।
बरेली में विश्व हीमोफीलिया दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन 200 से अधिक हीमोफीलिया मरीजों की आवाज बना, जिन्होंने बेहतर इलाज के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन की भी मांग की। जीवन रेखा हीमोफिलिया जन कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मरीजों और उनके परिजनों ने सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह लड़ाई केवल बीमारी से नहीं, बल्कि सामाजिक समझ और व्यवस्थागत चुनौतियों से भी है। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू मरीजों के अनुभवों और विशेषज्ञों की सलाह का संगम रहा। डॉक्टरों ने समय पर इलाज, नियमित जांच और आवश्यक सावधानियों पर जोर दिया, जबकि कई मरीजों ने अपनी रोजमर्रा की चुनौतियों को साझा किया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि हीमोफीलिया केवल एक चिकित्सीय समस्या नहीं, बल्कि जीवनशैली को प्रभावित करने वाली स्थिति है। जिला अधिकारी अविनाश सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर एडीएम एफआर संतोष कुमार सिंह, एडीएम सिटी सौरभ दुबे और जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक भी उपस्थित रहे, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीरता को दर्शाता है। सही जानकारी, समय पर इलाज और सरकारी सहयोग से हीमोफीलिया को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही, समाज में इसके प्रति फैली गलतफहमियों को दूर करना भी उतना ही आवश्यक है। कार्यक्रम में समाजसेवियों और समिति के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे मरीजों को न केवल बेहतर इलाज दिलाने में मदद करेंगे, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने के लिए भी लगातार प्रयास करेंगे।
