मुजफ्फरनगर,,जानसठ रेंज के वन विभाग कर्मचारियों ने क्षेत्र में किया महा घोटाला कर दिया। रात में आई तेज आंधी में गिरे सैकड़ों कीमतों पेड़ों को वन कर्मियों ने कुछ लकड़ी माफियाओं के साथ मिली भगत कर बाजार में बेच दिया तथा मोटा मुनाफा जेब में रखकर हजम कर लिया गया। सिखरेडा निवासी एक व्यक्ति ने मामले की शिकायत चीफ कंजरवेटर से कर दी जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने मामले की जांच के नाम पर खानापूर्ति करके चली गई। जानसठ रेंज में वन विभाग द्वारा किया गया घोटाला तथा तेज आंधी ने रामराज के खादर क्षेत्र में सैकड़ो पेड़ जड़ से उखाड़ दिए तथा कुछ बीच में से भी टूट गए। इस आंधी ने इतने पेड़ उखड़े कि रामराज के खादर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी लगभग तीन से चार दिन तक पूर्ण रूप से बंद रही तथा खादर क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। आंधी में उखड़े सैकड़ों कीमतों पेड़ो को वनकर्मियों ने कुछ माफियाओ के साथ मिलकर बाजार में बेच दिया। डिपो में नाम मात्र के लिए कुछ ही लकड़ियां जमा कराई। जब शिकायत चीफ कंजरवेटर से कर दी। जिसके बाद चीफ कंजरवेटर ने मामले की जांच के आदेश दे दिए। घोटाले की शिकायत होने पर जानसठ रेंज में तैनात घोटाला करने वाले कर्मियों में हड़कंप मच गया तथा आनन फानन में खादर क्षेत्र में तारापुर मोड से चूहापुर तक कुछ पेड़ जो खानापूर्ति के लिए छोड़ दिए थे उन्हें उठाना शुरू कर दिया। तथा रेंज आफिस में जमा करने लगे।




