महराजगंज।जनपद के जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का स्थानांतरण फिरोजाबाद जनपद हुआ है। उनके साथ अंतरण के बाद उनके एक वर्ष के कार्यकाल की चर्चा आमजन कर रहा है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का कार्यकाल प्रशासनिक नवाचार, जनसरोकार और विकास के कई महत्वपूर्ण आयाम के गढ़ने के लोग याद कर रहे हैं।

डीएम के नेतृत्व में बी-पैक्स महासदस्यता अभियान को अभूतपूर्व सफलता मिली। इस अभियान के तहत 1.30 लाख से अधिक सदस्य बनाए गए तथा सहकारी समितियों को 2.20 करोड़ रुपये की अंश पूंजी प्राप्त हुई, जिससे महराजगंज प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। इस पूंजी के मिलने से न सिर्फ समितियों का व्यापार बढ़ा बल्कि किसानों को रबी सत्र में खाद की समस्या का सामना भी नहीं करना पड़ा, जो कि जिला प्रशासन के लिए पहले एक चुनौती बनकर आता था।साथ ही, विगत एक वर्ष में लबे समय से निष्क्रिय पड़ी 34 सहकारी समितियों को पुनः सक्रिय कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में ‘विरासत वृक्ष अभियान’ एक अभिनव पहल के रूप में उभरा, जिसके अंतर्गत लगभग 550 गांवों में प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व के वृक्षों को चिन्हित कर उनका संरक्षण सुनिश्चित किया गया। इसी क्रम में ‘सीटीयू निर्माण’ के माध्यम से गांवों के अनुपयोगी एवं गंदे स्थानों को विकसित कर उन्हें सार्वजनिक उपयोग के लिए उपयोगी बनाया गया, जिससे स्वच्छता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा मिला।

जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने गोवंश के समुचित संरक्षण के लिए गौशालाओं का सुदृढ़ीकरण कराया। उनको सीसीटीवी कैमरे से लैस कर आईसीसीसी से जोड़ने का काम किया। खुद समय समय पर गौशालाओं का ऑनलाइन निरीक्षण करते रहे। इससे गौशालाओं की स्थिति में सुधार हुआ।

डीएम से महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया। इस अभियान में जनपद का नाम देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल होना एक बड़ी उपलब्धि रही। इसके साथ ही ‘कस्तूरबा मेंटरशिप प्रोग्राम’ के माध्यम से महिला अधिकारियों की देखरेख में बालिकाओं के शैक्षिक, सामाजिक एवं व्यक्तिगत विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। ‘रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष’ के अंतर्गत विगत 10 वर्षों से लंबित लगभग 500 प्रकरणों का निस्तारण मात्र दो माह में किया गया। इससे पोस्को और अन्य लैंगिक अपराधों की शिकार बच्चियों। और महिलाओं को एक से दस लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्राप्त होगी। यह पहल संवेदनशील प्रशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण रही।

डीएम ने राजस्व एवं प्रशासनिक सुधारों में ‘फॉर्मर रजिस्ट्री’ अभियान को मिशन मोड में संचालित किया गया। इस दौरान अधिकारीगण प्रातः 6:30 से 8:30 बजे तक गांवों में घर-घर जाकर फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य संपादित कर रहे हैं, जिसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग स्वयं जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा की जा रही है।

जिलाधिकारी द्वारा ‘एसआईआर’ का कार्य भी समयबद्ध एवं विवादरहित रूप से संपन्न हुआ, जिसकी सभी राजनीतिक दलों द्वारा सराहना की गई। इस दौरान जिलाधिकारी का एसआईआर की बात जिलाधिकारी के साथ एक अभिनव प्रयोग रहा। इसके माध्यम से लोग सीधे जिलाधिकारी को अपनी एसआईआर संबंधी समस्याओं से अवगत करा सकते थे। इसके अतिरिक्त, तीन वर्षों से अधिक पुराने वादों का भी मिशन मोड में प्रभावी निस्तारण किया गया।

जिलाधिकारी की संवेदनशीलता नेपाल में हुई बस दुर्घटना के दौरान देखने को मिली। जब जिलाधिकारी ने नेपाल प्रशासन के साथ त्वरित संवाद और कार्रवाई करते हुए श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का काम किया और उन्हें सुरक्षित भारत लाकर समुचित उपचार सुनिश्चित कराया। जिलाधिकारी का कार्यकाल महराजगंज के लिए विकास, पारदर्शिता और संवेदनशीलता का प्रतीक रहा है और उनके द्वारा स्थापित कार्यसंस्कृति और नवाचार भविष्य के लिए भी प्रभावी बने रहेंगे।

जनपदवासियों एवं समस्त प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उन्हें भावपूर्ण विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं नए दायित्वों में सफलता की हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं।

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