तहसील/संवाददाता/ओम प्रकाश साहू
मोहनलालगंज/लखनऊ। तहसील मोहनलालगंज क्षेत्र के सिसेंडी से भागूखेड़ा को जोड़ने वाला 6 किलोमीटर लंबा मुख्य मार्ग पिछले एक साल से बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों की मानें तो सड़क के नाम पर यहां अब सिर्फ बड़े-बड़े गड्ढों का जाल बचा है। डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और जगह-जगह 2 से 3 फीट गहरे गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि हल्की बारिश में ही पूरी सड़क कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

इस मार्ग से रोजाना भागूखेड़ा, सिसेंडी, धनुवासांड समेत दर्जन भर गांवों के करीब 5 हजार लोग आवागमन करते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और मरीजों को उठानी पड़ रही है। भागूखेड़ा के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले 300 से अधिक बच्चे रोजाना साइकिल से जान जोखिम में डालकर गड्ढों से बचते हुए स्कूल पहुंचते हैं। ग्रामीणो ने बताया कि पिछले महीने गांव की गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान ले जा रही एम्बुलेंस सड़क के गड्ढे में करीब 40 मिनट तक फंसी रही, बड़ी मुश्किल से ट्रैक्टर से खींचकर निकाला गया। आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं और चार पहिया वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क की मरम्मत के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में लोक निर्माण विभाग द्वारा टेंडर पास किया गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी धरातल पर एक तसला गिट्टी तक नहीं डाली गई। ग्रामीणों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के जेई-सहायक अभियंता तक कई बार लिखित शिकायत की जा चुकी है, लेकिन हर बार “बजट नहीं आया” कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है।
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता से बात करने पर उन्होंने कहा कि “प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।” वहीं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने फोन उठाना बंद कर दिया है।
सड़क की दुर्दशा से नाराज सिसेंडी-भागूखेड़ा संघर्ष समिति ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो सिसेंडी चौराहे पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया जाएगा और जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले का संज्ञान लेकर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करने और तत्काल सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
