शुभम सोनी क्राइम प्रभारी उत्तर मथुरा एम डी न्यूज़

मथुरा में गोवर्धन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से रेफर की गई एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। सुबह 9 बजे जो महिला उम्मीद के साथ अस्पताल की सीढ़ियां चढ़ी थी, दोपहर 1 बजे उसकी और उसके बच्चे की मौत की खबर ने परिवार को झकझोर कर रख दिया। दर्द से तड़पती पत्नी और नवजात को खोने के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव को वापस गोवर्धन सीएचसी लाकर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।

सुबह 9 बजे CHC में भर्ती, फिर किया रेफर

जानकारी के अनुसार, गोवर्धन क्षेत्र के आन्यौर निवासी 27 वर्षीय सीमा (पत्नी धर्मेंद्र) को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। परिजन आनन-फानन में उन्हें सुबह करीब 9 बजे गोवर्धन सीएचसी लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि यहां डॉक्टरों ने सिर्फ प्राथमिक उपचार (First Aid) के नाम पर खानापूर्ति की और हालत गंभीर बताकर सीमा को जिला अस्पताल मथुरा के लिए रेफर कर दिया।

जिला अस्पताल में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत

परिजन बदहवास हालत में सीमा को लेकर मथुरा जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डिलीवरी की प्रक्रिया के दौरान दोपहर करीब 1 बजे सीमा और उसके नवजात शिशु, दोनों की ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतका के पति धर्मेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। उसका साफ कहना है कि अगर सीएचसी में ही समय रहते उसकी पत्नी को उचित इलाज मिल जाता, तो आज उसकी पत्नी और बच्चा दोनों जिंदा होते।

शव वापस CHC लाए, परिसर में किया जोरदार हंगामा

जच्चा-बच्चा की मौत की खबर सुनते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। वे सीमा का शव लेकर वापस गोवर्धन सीएचसी पहुंचे और अस्पताल परिसर में डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया। मृतका के परिजन प्रेमपाल पिस्ता ने सीधे तौर पर अस्पताल प्रशासन को मौतों का जिम्मेदार ठहराया। हंगामे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी भगत सिंह गुर्जर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित परिजनों को समझाकर शांत कराया।

चिकित्सा प्रभारी की सफाई- ‘हालत पहले से गंभीर थी’

इस पूरे घटनाक्रम पर गोवर्धन सीएचसी की चिकित्सा प्रभारी डॉ. नेहा चौधरी ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि जब महिला को अस्पताल लाया गया था, तो उसकी हालत काफी गंभीर थी। प्राथमिक उपचार देने के बाद ही उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया था। डॉ. नेहा ने कहा कि जिला अस्पताल में मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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