एमडी न्यूज़ ब्यूरो
निचलौल/महराजगंज। जनपद के निचलौल क्षेत्र में बिना मान्यता संचालित हो रहे निजी स्कूलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे स्कूल शिक्षा विभाग की अनुमति और निर्धारित मानकों के बिना ही बच्चों को शिक्षा देने का दावा कर रहे हैं। इन स्कूलों में न तो पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था है और न ही बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद अभिभावकों को बड़े-बड़े दावे और आकर्षक विज्ञापन दिखाकर प्रवेश दिलाया जा रहा है।

मामला निचलौल क्षेत्र के कोहड़वल रोड पर स्थित रामसमुख दास इंटरमीडिएट कालेज कपियां का है,जहाँ प्राइमरी और इंटर की कक्षाएं बगैर मान्यता के धड़ल्ले से संचालित की जा रही है।वहीं ये कालेज अपने विज्ञापन,पोस्टर बैनर में प्ले वे से इंटर तक की मान्यता प्राप्त होने की बात कर रहा है ।

हाल ही में माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में संचालित मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची लगाई गई है ,जिसमें उक्त कालेज की मान्यता सिर्फ हाई स्कूल तक ही प्रदर्शित हो रही है। परन्तु कालेज प्रबंधन और प्रशासन और शिक्षा विभाग की मिलीभगत से प्राइमरी और इंटरमीडिएट में नामांकन लेकर कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। बताया गया है कि प्राइमरी की कक्षाएं किसी “सूर्या शिशु मंदिर पिपरा काजी से सम्बद्ध करके चलाया जा रहा है जो कि विद्यालय संचालन मानकों और नियमों के विरुद्ध है।

बच्चों और अभिभावकों को किया जा रहा भ्रमित
बगैर प्राइमरी और इंटर की मान्यता के इस विद्यालय में नामांकन कराने वाले बच्चों का भविष्य बरबाद होते नजर आ रहा है।वहीं इस समय स्कूलों में नए सत्र को लेकर प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।प्रवेश लेने हेतु विद्यालय के शिक्षकों द्वारा लगातार बच्चों और अभिभावकों को उक्त विद्यालय को मान्यता प्राप्त बताकर भ्रमित किया जा रहा है। ऐसे में इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य अंधकार रूपी गर्त में जाता दिख रहा है।
आखिर क्यों चुप हैं विभागीय अधिकारी
निचलौल क्षेत्र में बगैर मान्यता धड़ल्ले से चल रहे विद्यालय की जानकरी शिक्षाधिकारियों को तो है पर चुप्पी साधने और कार्यवाही न करने पर कई सवाल खड़े होते हैं।
विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता संदिग्ध
जिले में बगैर मान्यता चल रहे विद्यालय आखिर किसके रहमोकरम पर इतने धड़ल्ले से संचालित किए जा रहें हैं?इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बेसिक शिक्षा विभाग अंतर्गत चल रही प्राइमरी की कक्षाएं और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित इंटर की कक्ष संचालन का खुला लाइसेंस विभाग की मिलीभगत उजागर कर रहा है।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बावजूद भी अधिकारी मौन
जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी के पास इस मामले को लेकर कई स्थानीय एवं क्षेत्रीय लोगों द्वारा IGRS के माध्यम से शिकायत कर कार्यवाही की मांग की गई है।जिसमें IGRS संदर्भ संख्या-40018726009182,40018726009178 आदि शिकायती मामलों में इस विद्यालय पर कार्यवाही शून्य चल रही है।

इन तमाम लंबित प्रकरणों के द्वारा यह स्पष्ट हो रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी उक्त विद्यालय से अपनी जेबें भरकर एयर कंडीशनर और कूलर की हवा में आराम फरमा रहें हैं। बताया यह भी जा रहा है कि उक्त विद्यालय के प्रबंध तंत्र की सांठगांठ बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यलय में तैनात किसी खास करीबी से होने के नाते यह मामला हमेशा ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

क्षेत्रवासियों ने की मांग
इस कॉलेज द्वारा बिना मान्यता प्राप्त संचालित कक्षाओं में नामांकित बच्चों और अभिभावकों को भ्रमित करके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।जो कि बहुत ही गंभीर और संवेदनशीला मामला है।ऐसे में जागरूक अभिभावकों ने उक्त विद्यालय के सभी प्ले वे से 5 तक और 11 में नामांकित सभी छात्रों का भविष्य को लेकर जांच और कार्यवाही कर नामांकित बच्चों का नामांकन समय रहते किसी मान्यता प्राप्त नजदीकी विद्यालय में कराया जाने की मांग की है।
>अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या जिम्मेदारी अधिकारी उक्त विद्यालय पर कार्यवाही करते हैं या अपनी जेबें भरकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं।लोगों ने कहा यदि उक्त विद्यालय पर ग्रीष्मावकाश से पहले जांच कर कार्यवाही नही होती है तो वे उच्चाधिकारियों(DM) से शिकायत करेंगे साथ ही प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।>
अभिभावकों बने जागरूक
जिले में ऐसे बहुत से विद्यालय शिक्षा विभाग और अधिकारियों के रहमोकरम पर संचालित किए जा रहें हैं।लेकिन एक माता पिता और अभिभावक होने के नाते आपको ये जानने का अधिकार है कि आपका बच्चा जिस स्कूल या कालेज में पढ़ने जा रहा है या अपन प्रवेश करवा रहें हैं तो आप उस स्कूल की मान्यता होने की जानकारी अवश्य कर लें।अन्यथा आपके बच्चे का भविष्य अंधकार रूपी गर्त में समा जाएगा।
