धर्मेन्द्र कसौधन/राष्ट्रीय ब्यूरो
हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। हरदोई के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. अजीत सिंह के खिलाफ ₹5 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में कोतवाली नगर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
पीड़ित संस्था का आरोप है कि बीएसए ने उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की धमकी देकर रुपयों की मांग की थी। वहीं दूसरी ओर, बीएसए ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे जिलाधिकारी (DM) द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।

क्या है पूरा मामला? (शिकायतकर्ता का पक्ष)
यह पूरा विवाद ईसीसीई (ECCE) एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। गोंडा की ‘उज्ज्वला सेवा संस्थान’ के अध्यक्ष ओम प्रकाश तिवारी की शिकायत पर यह कानूनी कार्रवाई की गई है।
- भर्ती का जिम्मा: संस्था को राज्य के विभिन्न जिलों में एजुकेटर के 210 पदों पर भर्ती का काम सौंपा गया था। सेवायोजन पोर्टल के जरिए मिले आवेदनों में से जिला चयन समिति ने 630 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया था।
- रिश्वत का आरोप: शिकायतकर्ता का दावा है कि जब वे आगे की प्रक्रिया के लिए बीएसए से मिले, तो डॉ. अजीत सिंह ने काम आगे बढ़ाने के बदले ₹5 लाख की मांग की।
- धमकी और भुगतान: आरोप है कि पैसे न देने पर संस्था की अमानत राशि जब्त करने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की धमकी दी गई। दबाव में आकर संस्था ने ₹2 लाख दे भी दिए थे, लेकिन बाकी रकम के लिए लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।
बीएसए का पलटवार: “डीएम और एडीएम ने मिलकर फंसाया”
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने खुलकर अपना पक्ष रखा और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
- ट्रैप का दावा: बीएसए का कहना है कि यह जिलाधिकारी अनुनय झा द्वारा बिछाया गया एक जाल है। डीएम उन पर काफी समय से भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगा रहे थे, जिन्हें वे साबित नहीं कर पाए।
- उत्पीड़न का आरोप: डॉ. अजीत सिंह ने आरोप लगाया कि बैठकों में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें जिला छोड़ने की धमकी दी गई। प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी ने भी उन्हें प्रताड़ित किया और उनके कार्यालय के बाबू बदल दिए ताकि उन पर नजर रखी जा सके।
- जांच की मांग: बीएसए ने कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया जिला प्रशासन की देखरेख में हुई है। अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो अभ्यर्थियों से पूछताछ की जानी चाहिए। वे इस साजिश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

दफ्तर सील: 61 शिक्षकों के मूल दस्तावेज भी गायब
इस पूरे विवाद के बीच हरदोई के बेसिक शिक्षा विभाग में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। 29 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े 61 शिक्षकों के ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स (मूल अभिलेख) रिकॉर्ड से गायब पाए गए हैं।
- प्रशासनिक छापेमारी: डीएम के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर और डायट प्राचार्य की तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार शाम बीएसए दफ्तर में औचक छापेमारी की और घंटों फाइलों को खंगाला।
- कमरे और अलमारियां सील: महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब मिलने पर टीम ने कार्यालय के दो कमरों और कई अलमारियों को तुरंत सील कर दिया।
- पुरानी एफआईआर: अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में तत्कालीन पटल प्रभारी अनुपम मिश्रा के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है, जो इस एजुकेटर भर्ती का काम भी देख रहे थे। प्रशासन अब गायब रिकॉर्ड्स की गहनता से जांच कर रहा है।
