हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। हरदोई के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. अजीत सिंह के खिलाफ ₹5 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में कोतवाली नगर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
पीड़ित संस्था का आरोप है कि बीएसए ने उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की धमकी देकर रुपयों की मांग की थी। वहीं दूसरी ओर, बीएसए ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे जिलाधिकारी (DM) द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।

यह पूरा विवाद ईसीसीई (ECCE) एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। गोंडा की ‘उज्ज्वला सेवा संस्थान’ के अध्यक्ष ओम प्रकाश तिवारी की शिकायत पर यह कानूनी कार्रवाई की गई है।

  • भर्ती का जिम्मा: संस्था को राज्य के विभिन्न जिलों में एजुकेटर के 210 पदों पर भर्ती का काम सौंपा गया था। सेवायोजन पोर्टल के जरिए मिले आवेदनों में से जिला चयन समिति ने 630 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया था।
  • रिश्वत का आरोप: शिकायतकर्ता का दावा है कि जब वे आगे की प्रक्रिया के लिए बीएसए से मिले, तो डॉ. अजीत सिंह ने काम आगे बढ़ाने के बदले ₹5 लाख की मांग की।
  • धमकी और भुगतान: आरोप है कि पैसे न देने पर संस्था की अमानत राशि जब्त करने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की धमकी दी गई। दबाव में आकर संस्था ने ₹2 लाख दे भी दिए थे, लेकिन बाकी रकम के लिए लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने खुलकर अपना पक्ष रखा और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

  • ट्रैप का दावा: बीएसए का कहना है कि यह जिलाधिकारी अनुनय झा द्वारा बिछाया गया एक जाल है। डीएम उन पर काफी समय से भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगा रहे थे, जिन्हें वे साबित नहीं कर पाए।
  • उत्पीड़न का आरोप: डॉ. अजीत सिंह ने आरोप लगाया कि बैठकों में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें जिला छोड़ने की धमकी दी गई। प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी ने भी उन्हें प्रताड़ित किया और उनके कार्यालय के बाबू बदल दिए ताकि उन पर नजर रखी जा सके।
  • जांच की मांग: बीएसए ने कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया जिला प्रशासन की देखरेख में हुई है। अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो अभ्यर्थियों से पूछताछ की जानी चाहिए। वे इस साजिश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

दफ्तर सील: 61 शिक्षकों के मूल दस्तावेज भी गायब

इस पूरे विवाद के बीच हरदोई के बेसिक शिक्षा विभाग में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। 29 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े 61 शिक्षकों के ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स (मूल अभिलेख) रिकॉर्ड से गायब पाए गए हैं।

  • प्रशासनिक छापेमारी: डीएम के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर और डायट प्राचार्य की तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार शाम बीएसए दफ्तर में औचक छापेमारी की और घंटों फाइलों को खंगाला।
  • कमरे और अलमारियां सील: महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब मिलने पर टीम ने कार्यालय के दो कमरों और कई अलमारियों को तुरंत सील कर दिया।
  • पुरानी एफआईआर: अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में तत्कालीन पटल प्रभारी अनुपम मिश्रा के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है, जो इस एजुकेटर भर्ती का काम भी देख रहे थे। प्रशासन अब गायब रिकॉर्ड्स की गहनता से जांच कर रहा है।

0 views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

*फतेहपुर में एआई सुपरपावर समर कैंप 2026 का भव्य सम्पन्न* MD NEWS बहुआयामी समाचार। रिपोर्ट शाहनूर आलम जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर फतेहपुर: नेक्सस इंटेलिजेंस द्वारा आयोजित सात दिवसीय ‘एआई सुपरपावर समर कैंप 2026’ का शानदार समापन डॉ. वीरेन्द्र स्वरूप पब्लिक स्कूल, आईटीआई रोड में एक प्रेरणादायक एआई स्टूडेंट शोकेस और सम्मान समारोह के साथ हुआ। इस कैंप में कक्षा 4 से 9 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भविष्य की तकनीक से रूबरू हुए।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थाना प्रभारी (महिला) संगीता सिंह ने छात्रों के प्रोजेक्ट्स की सराहना करते हुए कहा, “तकनीक के इस युग में नई तकनीकों का ज्ञान अनिवार्य है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को तकनीक का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग सिखाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि करते हैं।” विशिष्ट अतिथि के रूप में बिल्यंट पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर कृष्णा उप्पल और ताइक्वांडो एसोसिएशन ऑफ फतेहपुर के अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा उपस्थित रहे।पूरे कैंप के दौरान विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रचनात्मक सोच, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और समस्या समाधान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। समापन समारोह में विद्यार्थियों ने एआई-आधारित नवाचारी प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। साथ ही, डॉ. वीरेन्द्र स्वरूप पब्लिक स्कूल और ब्रिलियंट ओरिएंटल स्कूल के विद्यार्थियों के बीच एक मैत्रीपूर्ण एआई प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया, जिसमें जैद मझहर को ‘एआई एक्सप्लोरर अवॉर्ड’, सृष्टि को ‘मोस्ट क्यूरियस माइंड अवॉर्ड’ और एकरा को ‘मोस्ट इम्प्रूव्ड अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।नेक्सस इंटेलिजेंस के संस्थापक एवं प्रोग्राम लीड फैज़ान खान ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल एआई टूल्स का उपयोग सिखाना नहीं, बल्कि बच्चों को तकनीक के पीछे के तर्क को समझने और उसके नैतिक उपयोग के लिए तैयार करना है।” अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा बाजपेयी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर फहमी मज़हर, शिव कुमार, उत्कर्ष पटेल, अनन्या, अनामिका सिंह, जुनेराह सैय्यद, विभोर और अंजनीश सिंह सहित अनेक अभिभावक एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।