धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
महराजगंज। आज के दौर में जहाँ पत्रकारिता अक्सर सनसनीखेज हेडलाइंस और टीआरपी की अंधी दौड़ में उलझ कर रह गई है, वहीं कुछ ऐसे भी नाम हैं जो आज भी इस पेशे की रीढ़ बने हुए हैं। पत्रकारिता क्षेत्र में अपनी बेबाक लेखनी, निष्पक्ष विश्लेषण और जमीनी हकीकत को सामने लाने के जज्बे के कारण निचलौल ब्लॉक के खोन्हौली निवासी धर्मेंद्र गुप्ता ने एक खास पहचान और बड़ी ख्याति हासिल की है। पत्रकारिता के विभिन्न आयामों में सालों तक सक्रिय रहते हुए उन्होंने साबित किया है कि अगर कलम में धार और नीयत में सच्चाई हो, तो पत्रकारिता आज भी समाज का सबसे मजबूत चौथा स्तंभ है।
शुरुआती संघर्ष से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
धर्मेंद्र गुप्ता का पत्रकारिता का सफर किसी मिसाल से कम नहीं है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बेहद जमीनी स्तर से की।महराजगंज के स्थानीय मुद्दों, शोषितों की आवाज और प्रशासनिक कमियों को उजागर करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे मुख्यधारा के मीडिया में अपनी जगह बनाई।

उनकी ख्याति केवल सनसनीखेज खबरें ब्रेक करने से नहीं, बल्कि खोजी पत्रकारिता और विकासशील पत्रकारिता के प्रति उनकी निष्ठा से बढ़ी। उन्होंने कई ऐसे खोजी दास्तावेजों और घोटालों को उजागर किया, जिसने न सिर्फ प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि नीतिगत सुधारों के लिए भी मजबूर किया।
कार्यक्षेत्र और पत्रकारिता में अभूतपूर्व योगदान
धर्मेंद्र गुप्ता ने अपने लंबे करियर में पत्रकारिता के लगभग हर माध्यम में काम किया है। प्रिंट मीडिया से लेकर डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक, उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है:
- जमीनी रिपोर्टिंग (Ground Reporting): संकट के समय या आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर उन्होंने हमेशा अग्रिम मोर्चे पर रहकर रिपोर्टिंग की।
- राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषण: उनकी राजनीतिक समीक्षाएं और संपादकीय लेख पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, क्योंकि वे किसी एक विचारधारा से प्रभावित न होकर केवल तथ्यों पर आधारित होते हैं।
- युवा पत्रकारों के लिए मार्गदर्शक: पत्रकारिता में नए आने वाले युवाओं के लिए धर्मेंद्र गुप्ता हमेशा एक मेंटर (मार्गदर्शक) की भूमिका निभाते रहे हैं, उन्हें नैतिक और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता के गुण सिखाते हैं।
विश्वसनीयता ही सबसे बड़ी ख्याति
आज जब फेक न्यूज़ और पेड न्यूज़ का चलन बढ़ा है, धर्मेंद्र गुप्ता की खबरों पर पाठक और दर्शक आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। उनकी इसी विश्वसनीयता ने उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा है। पत्रकारिता जगत के दिग्गजों का मानना है कि धर्मेंद्र गुप्ता का काम यह याद दिलाता है कि पत्रकार का असली काम सत्ता से सवाल करना और जनता को जागरूक करना है।
”पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है। जब तक आपकी कलम किसी बेजुबान की आवाज बन सकती है, तब तक पत्रकारिता का वजूद जिंदा है।”
— धर्मेंद्र गुप्ता
धर्मेंद्र गुप्ता की यह ख्याति रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि यह उनकी सालों की तपस्या, निष्पक्षता और कभी न झुकने वाले इरादों का परिणाम है। आज वे देश के उन गिने-चुने पत्रकारों में शामिल हैं, जिनकी कलम की धमक सत्ता के गलियारों से लेकर आम जनता के दिलों तक महसूस की जाती है।
आज दिनाँक 15 जुलाई को पत्रकार धर्मेन्द्र गुप्ता का जन्मदिन है,आप सभी भी उन्हें इस दिवस पर अवश्य शुभकामनाएं प्रेषित करें।
