
बीएचयू के अटल इन्क्यूबेशन सेंटर का नया सैटेलाइट सेंटर बना अशोका फाउंडेशन, वाराणसी
पूर्वांचल के युवाओं को अब सारनाथ, वाराणसी में भी मिलेंगे स्टार्टअप, इन्क्यूबेशन और उद्यमिता से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के अवसर
वाराणसी, 16 जुलाई 2026।
पूर्वांचल के युवाओं, नवप्रवर्तकों, शोधार्थियों और उद्यमियों के लिए गुरुवार को एक बड़ी उपलब्धि जुड़ गई। अशोका फाउंडेशन फॉर इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (AFIE), अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (AITM), पहड़िया, सारनाथ को अटल इन्क्यूबेशन सेंटर–महामना फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (AIC–MFIE), प्रबंधन शास्त्र संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (IM-BHU) का सैटेलाइट सेंटर बनाया गया। इस संबंध में गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को दोनों संस्थानों के बीच काहिविवि, वाराणसी में, समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए।
समझौते पर एआईसी–एमएफआईई के निदेशक एवं प्रोफेसर-प्रभारी प्रो. (डॉ.) पी. वी. राजीव तथा अशोका फाउंडेशन के मुख्य प्रबंध निदेशक इंजी. अंकित मौर्य ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एआईसी–एमएफआईई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री नंदलाल, और अशोका इंस्टीट्यूट की निदेशक डॉ. सारिका श्रीवास्तव, एएफआईई की प्रोफेसर-प्रभारी डॉ. अपर्णा सिंह तथा समन्वयक श्री सज्जाद अली उपस्थित रहे।
इस समझौते के बाद अब पूर्वांचल के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक युवाओं और उद्यमियों को मार्गदर्शन, इन्क्यूबेशन, विशेषज्ञ सलाह, उद्योग से संपर्क, निवेशकों से संवाद तथा व्यवसाय को आगे बढ़ाने जैसी अनेक सुविधाएँ सारनाथ, वाराणसी में भी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे आंचलिक क्षेत्र के युवाओं को बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और स्थानीय स्तर पर ही नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रो. पी. वी. राजीव ने कहा कि विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों का दायित्व केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को अपने विचारों को सफल उद्यम में बदलने के अवसर उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अशोका फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी पूर्वांचल के नवाचार और स्टार्टअप माहौल को नई ऊर्जा देगी।
इंजी. अंकित मौर्य ने कहा कि अशोका फाउंडेशन का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार देने योग्य उद्यमी बनाना है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग शिक्षा, उद्योग और नवाचार के बीच मजबूत कड़ी बनेगा तथा पूर्वांचल को उद्यमिता के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डॉ. सारिका श्रीवास्तव ने बताया कि अशोका इंस्टिट्यूट फोर मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की सभी संस्थागत सुविधाएं अब नए छात्र-उद्यमियों और व्यावसायिक पेशेवरों को शोध, नवाचार और उद्यमिता हेतु उपलब्ध कराए जाने की योजना है।
डॉ. अपर्णा सिंह ने बताया कि इस साझेदारी के अंतर्गत आगामी महीनों में ‘भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव (Bharat Innovation Conclave)’ तथा ‘यू.पी.ई.–सीड्स (UP East Startups Ecosystem & Entrepreneurship Development Summit)’ जैसे राष्ट्रीय स्तर के बड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में देशभर के नवप्रवर्तकों, उद्योग जगत, निवेशकों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाकर नए विचारों को उद्यम में बदलने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने आगे ये भी बताया कि अशोका फाउंडेशन ने युवाओं, महिलाओं और कार्यरत पेशेवरों के लिए छह नए कैरियर संवर्धन कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इन 15 दिवसीय उद्योग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य कम समय में रोजगार और स्वरोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल विकसित करना है। विशेष प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत इन कार्यक्रमों का शुल्क मात्र ₹5,000/- रखा गया है, ताकि आर्थिक रूप से साधारण परिवारों के युवा भी इसका लाभ उठा सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, व्यवहारिक परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर तथा अपने उद्यम की शुरुआत के लिए आवश्यक सलाह भी दी जाएगी। इस बाबत अधिक जानकारी 9565440066 नंबर पर वाट्सअप द्वारा प्राप्त की जा सकती है।
दोनों ही संस्थाओं का यह दृढ़ विश्वास है कि यह समझौता केवल दो संस्थानों के बीच सहयोग नहीं, बल्कि पूर्वांचल में नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को नई दिशा देने वाली पहल है। यदि इस साझेदारी के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित होते हैं, तो वाराणसी और आसपास के जिलों के हजारों युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और नवाचार के नए अवसर तैयार हो सकते हैं।
