रिपोटर आशुतोष पाण्डेय MDNEWS अयोध्या

अयोध्या। सावन के आखिरी सोमवार पर रामनगरी अयोध्या पूरी तरह शिवभक्ति में रंगी नजर आई। तड़के सुबह से ही प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरी नगरी गूंज उठी। हजारों श्रद्धालुओं ने सरयू में आस्था की डुबकी लगाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

सरयू स्नान के बाद नागेश्वरनाथ पहुंचे श्रद्धालु

सुबह से ही श्रद्धालुओं का सरयू घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया। पवित्र सरयू में स्नान और पूजा-अर्चना के बाद भक्त प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।

कुश ने की थी नागेश्वरनाथ मंदिर की स्थापना

धार्मिक मान्यता के अनुसार, नागेश्वरनाथ मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने की थी। सावन के अंतिम सोमवार पर मंदिर में विशेष धार्मिक महत्व के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे।

लंबी कतारों के बीच हुए दर्शन

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन ने चरणबद्ध दर्शन व्यवस्था लागू की। मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए लगातार भोलेनाथ के जयकारे लगाते नजर आए।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई। जगह-जगह बैरिकेडिंग के साथ विशेष निगरानी रखी गई। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी गई। सावन के अंतिम सोमवार पर अयोध्या में आस्था, भक्ति और शिव आराधना का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और देश की खुशहाली की प्रार्थना की।

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