सीतापुर के रामपुर मथुरा क्षेत्र में घाघरा और शारदा नदियों के जलस्तर में लगातार कमी के साथ ही कटान की रफ्तार तेज हो गई है। नागेश्वरपुरवा और शुकुलपुरवा गांव में नदी तेजी से खेतों और आबादी की ओर बढ़ रही है। बीते 24 घंटे में करीब तीन बीघा कृषि योग्य भूमि और फसल नदी में समा चुकी है। वहीं दो ग्रामीणों के मकान भी नदी के मुहाने तक पहुंच गए हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
शुक्रवार देर शाम प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.68 मीटर नीचे, जबकि घाघरा नदी का जलस्तर 1.28 मीटर नीचे दर्ज किया गया। जलस्तर घटने के बावजूद नदी की तेज धार से कटान प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
जानकारी के मुताबिक रामपुर मथुरा क्षेत्र के तीन गांवों के करीब 60 परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। एसडीएम महमूदाबाद अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि कटान प्रभावित परिवारों को शुकुलपुरवा और सोहरैया में बसाने की तैयारी की जा रही है।
रिपोर्ट श्रवण तिवारी

